पेपर लीक आंदोलन -धामी सरकार का सीबीआई जांच का फैसला

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कूल-कूल- सीएम धामी ने नवरात्र में दिया सीबीआई जांच का तोहफा,बजी ताली

देखें, सीबीआई जांच के अलावा कई मांगे मंजूर

अविकल थपलियाल

देहरादून। भूखे प्यासे व गर्मी में सड़कों पर उतरे हजारों बेरोजगारों को सीएम धामी ने नवरात्र का तोहफा देकर सभी को चौंका दिया।
सीएम धामी ने हजारों युवाओं के आसमान छू रहे आक्रोश पर सहमति की बौछार कर माहौल कूल कूल कर दिया। विपक्ष के हाथ से मुद्दा छीनते हुए बेरोजगारों की सीबीआई जांच की मांग पर मुहर लगा दी।

दूसरी ओर, इसी दौरान हल्द्वानी में भूख हड़ताल पर बैठे भूपेंद्र कोरंगा को भी पुलिस ने भारी विरोध के बीच उठाकर

पेपर लीक व अन्य मांगों को लेकर बीते आठ दिन से जारी बेरोजगार युवाओं के आंदोलन में सोमवार को स्वंय सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत ही नहीं कि बल्कि सीबीआई जांच की घोषणा कर तालियां बजवा दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति केंद्र को भेजेगी।

देखें ,सीएम ने क्या कहा

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सीएम ने कहा कि युवाओं पर लगे मुकदमे वापस होंगे। हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यूसी ध्यानी की निगरानी में हो रही एसआईटी जांच के आधार पर भर्ती परीक्षा के बाबत अन्य निर्णय लिए जाएंगे। कोई भी भर्ती परीक्षा संदेह के घेरे में नहीं रहेगी।

उन्होंने कहा कि युवाओं के दर्द को महसूस करते हुए वे स्वंय आंदोलन स्थल पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है।

परेड ग्राउंड इलाके में कई दिन से दिन रात धरने पर बैठे युवाओं के बीच अचानक पहुंचे सीएम धामी ने आक्रोश को शांत करते हुए मुख्य मांगे मान ली।

सीएम के फैसले के बाद बेरोजगार संगठन के अध्यक्ष राम कंडवाल ने सीएम का आभार जताते हुए आंदोलन समाप्ति की घोषणा की।
इस मौके पर स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार, प्रवक्ता सुरेश सिंह, विधायक खजान दास भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि 21 सितंबर की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद बेरोजगार संगठन ने देहरादून समेत अन्य स्थानों पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

हल्द्वानी में भूपेंद्र कोरंगा ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। यही नहीं, कांग्रेस, उक्रांद व वामपंथी दलों ने भी खुलकर आन्दोलन को समर्थन देकर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी थी।

दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेजी से चल रहा था। आंदोलन स्थल पर ‘आजादी-आजादी’ नारों के बाद खुफिया तंत्र भी अलर्ट हो गया था।
पेपर लीक के बाद हरिद्वार में बॉबी पंवार से पूछताछ के अगले दिन दून की रैली बेरोजगारों के आंदोलन में तब्दील हो गयी थी।

बाद में बदले घटनाक्रम के तहत हरिद्वार से छात्रों को बस में लाकर सीएम व सचिव शैलेश बगौली से मिलाई के बाद माहौल में तनातनी बढ़ गयी थी। हालांकि, इसी दिन बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने भी सीएम धामी से मिलकर मांगे दोहराई थी।

पेपर लीक मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन,खालिद, सबीना व हिना पुलिस ने एक्शन लिया। पेपर की पूर्व संध्या पर दून के एसएसपी अजय सिंह ने नकल गिरोह के पुराने मास्टरमाइंड हाकम सिंह व पंकज गौड़ को गिरफ्तार कर लिया था।

इस मुद्दे पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी सीबीआई जांच के पक्ष में बयान दिया था। विपक्षी दलों में आंदोलन में कूदने की होड़ मचने के बाद मंत्री,विधायक व संगठन ने भी मोर्चा संभाल लिया था।

बहरहाल, आठ दिन से प्रदेश के राजनीतिक व सामाजिक माहौल को गर्माने वाले बेरोजगार युवाओं के आंदोलन स्थल पर पहुंचकर सीएम धामी ने नवरात्र का तोहफा भेंट कर माहौल में ठंडक लाने के साथ ताल ठोक रहे राजनीतिक विरोधियों को भी पट्ट कर दिया।

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