पुलिस को चकमा देकर बुंदेलखंड में छिपा था गिरधारी लाल साहू, आखिर कैसे पकड़ा गया? !

पुलिस को चकमा देकर बुंदेलखंड में छिपा था गिरधारी लाल साहू, आखिर कैसे पकड़ा गया? !
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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन पर चार कंपनियों में फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षरों के जरिए रेखा आर्या को निदेशक पद से हटाने समेत कई गंभीर आरोप हैं।

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का पति गिरधारी लाल साहू गिरफ्तारी से बचने के लिए रुहेलखंड से बुंदेलखंड तक भागता रहा, लेकिन उत्तराखंड पुलिस के बिछाए जाल से बच नहीं सका। बस्ती, प्रयागराज और नेपाल तक ठिकाने बदलने के बाद वह दिल्ली पहुंचा और वहां से झांसी में अपने एक रिश्तेदार के घर पर छिप गया। आखिरकार एसआईटी ने शनिवार को उसे झांसी (बुंदेलखंड) से गिरफ्तार कर लिया।

 

पुलिस के मुताबिक, गिरधारी लाल साहू पिछले कई दिनों से झांसी में अपने रिश्तेदार के घर पर रह रहा था। एसआईटी को उसके झांसी में होने की भनक लगी तो टीम ने बिना देर किए वहां पहुंचकर उसकी तलाश शुरू कर दी। बृहस्पतिवार रात से ही एसआईटी ने झांसी में डेरा डाल रखा था। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी और उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही थी।

इस बीच पुलिस को गिरधारी के रिश्तेदार के घर पर छिपे होने की सटीक सूचना मिली। मुखबिर से मिली जानकारी की पुष्टि होते ही एसआईटी ने दबिश देकर उसे घर से ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे हिरासत में लेकर काफी देर तक एक अज्ञात स्थान पर ले गई। यहां उससे पूछताछ की गई और गिरफ्तारी से पहले उसके ठिकानों और भागने के दौरान संपर्क में रहे लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई।

गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन पर चार कंपनियों में फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षरों के जरिए रेखा आर्या को निदेशक पद से हटाने समेत कई गंभीर आरोप हैं। कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही गिरधारी फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी के निर्देश पर नौ सदस्यीय एसआईटी गठित की गई थी। टीम लगातार उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में उसकी तलाश कर रही थी। आखिरकार कई शहरों की खाक छानने के बाद पुलिस उसे उत्तराखंड ले आई।

बीहड़ में छिपने की कोशिश
उत्तराखंड पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए गिरधारी ने सिर्फ नेपाल ही नहीं बीहड़ में भी शरण लेने की योजना बनाई थी। सूत्रों की मानें तो गिरधारी का कुख्यात अपराधियों से भी संपर्क है। उसी नेटवर्क के जरिये उसने बीहड़ में भी छिपने की योजना बनाई थी। हालांकि वह झांसी से चंबल के बीहड़ों तक जा पाता उससे पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

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