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‘प्रस्तावित एलिवेटेड रोड से रिस्पना और बिंदाल नदियों का विनाश होगा’
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। “एलिवेटेड रोड मंज़ूर नहीं!” रैली में रविवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और प्रस्तावित परियोजना का जोरदार विरोध किया।
दून समग्र विकास अभियान की अगुवाई में आयोजित इस जुलूस में विभिन्न जन संगठन, महिला संगठन, युवा संगठन, पर्यावरणविद, सामाजिक कार्यकर्ता और विपक्षी दल शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित एलिवेटेड रोड से रिस्पना और बिंदाल नदियों का विनाश होगा। हजारों लोग विस्थापित होंगे। शहर में गर्मी, पेयजल संकट और प्रदूषण बढ़ेगा।
हाल की आपदा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जब पुल और सड़कें टूट रही हैं, तब यह परियोजना पूरे शहर के लिए घातक साबित होगी। साथ ही सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए 925 करोड़ रुपये का प्रावधान करना जनता के साथ धोखा बताया गया।
रैली में यह मांग उठाई गई कि परियोजना रद्द की जाए, आपदा प्रभावितों का सर्वे कर मुआवजा दिया जाए, रिस्पना-बिंदाल नदियों का पुनर्जीवन हो, शहर में कम से कम 500 बसें चलाई जाएं, महिलाओं-छात्रों-वरिष्ठ नागरिकों के लिए बस सेवा निःशुल्क की जाए, शहरी रोजगार गारंटी और किफायती आवास योजना लागू हो तथा यातायात सुधार के ठोस कदम उठाए जाएं।
गांधी पार्क से शुरू हुआ जुलूस दर्शन लाल चौक होते हुए सचिवालय की ओर बढ़ा, लेकिन पुलिस ने इसे लैंड्सडाउन चौक पर रोक दिया। विरोध के बाद रैली को कनक चौक तक जाने की अनुमति दी गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन आगे और मजबूत रूप लेगा, जब तक “विनाशकारी परियोजना” रद्द नहीं की जाती।
रैली को वरिष्ठ पर्यावरणविद डॉ. रवि चोपड़ा, मैड अध्यक्ष अभिजय नेगी, अधिवक्ता स्निग्धा तिवारी, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, सिटीजन्स फॉर ग्रीन दून के हिमांशु अरोरा, भाकपा के समर भंडारी, सपा के डॉ. एस.एन. सचान, भाकपा (माले) के इंद्रेश मैखुरी और सेवानिवृत्त अभियंता राकेश कपूर ने संबोधित किया। संचालन उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत ने किया।
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