मिलेट्स मिशन बना किसानों की खुशहाली का आधार

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चमोली में सर्वाधिक उत्पादन, टिहरी में सबसे अधिक किसान लाभान्वित

214 केंद्रों से 42 हजार कुंतल से अधिक मंडुवा खरीद, 167 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। उत्तराखंड में मिलेट्स मिशन योजना किसानों के लिए आय वृद्धि और बंजर भूमि के सदुपयोग का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। राज्य में इस वर्ष मिलेट्स उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसमें चमोली और टिहरी जनपद विशेष रूप से अग्रणी रहे हैं।

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के माध्यम से प्रदेशभर में 214 क्रय केंद्रों के जरिए अब तक 9472 किसानों से 42,718.812 कुंतल मंडुवा (मंडावा) की खरीद की जा चुकी है। इस खरीद पर 48.86 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान किया गया, जिससे 167.73 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा चुकी है।

जनपदवार प्रमुख आंकड़े

चमोली: 22 केंद्रों से 2184 किसानों ने 12,181.122 कुंतल मंडुवा विक्रय किया (उत्पादन में प्रथम)

टिहरी: 33 केंद्रों से 5033 किसान लाभान्वित, 8,816.930 कुंतल खरीद (किसानों की संख्या में प्रथम)

पौड़ी: 17 केंद्र, 827 किसान, 8,454 कुंतल

उत्तरकाशी: 13 केंद्र, 315 किसान, 3,281.200 कुंतल

अल्मोड़ा: 43 केंद्र, 217 किसान, 2,061.830 कुंतल

पिथौरागढ़: 24 केंद्र, 313 किसान, 1,342.350 कुंतल

रुद्रप्रयाग: 10 केंद्र, 167 किसान, 1,378.430 कुंतल

चंपावत: 22 केंद्र, 208 किसान, 1,615.660 कुंतल

बागेश्वर: 13 केंद्र, 58 किसान, 596.025 कुंतल

देहरादून: 3 केंद्र, 14 किसान, 22.020 कुंतल

मंडलवार स्थिति

कुमाऊं मंडल: 116 केंद्र, 932 किसान, 8,585.10 कुंतल

गढ़वाल मंडल: 98 केंद्र, 8,540 किसान, 34,133.702 कुंतल

प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि “मिलेट्स मिशन योजना के तहत किसानों को उनकी उपज का उचित और सुनिश्चित मूल्य दिया जा रहा है। वीर माधव सिंह भंडारी योजना के अंतर्गत सहकारिता विभाग सामूहिक सहकारी खेती को बढ़ावा दे रहा है, जिससे बंजर खेतों में भी मिलेट्स उत्पादन संभव हो पाया है। आज उत्तराखंड के ऑर्गेनिक मिलेट्स की देश ही नहीं, विदेशों में भी भारी मांग है।” 4886 रुपए प्रति कुंतल किधर से मंडावा खरीद की जा रही है इससे एक बार फिर किसने की रुचि खेतों की तरफ बढ़ रही है हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के किसानों की आमदनी में बंपर इजाफा हो।

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला ने बताया कि “मिलेट्स मिशन के अंतर्गत किसानों को अधिकतम 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। इससे किसानों को सही समय पर बेहतर कीमत मिल रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष उत्पादन में स्पष्ट बढ़ोतरी हुई है। मिलेट्स की खरीद 31 दिसंबर तक जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर जनवरी तक भी इसे बढ़ाया जाएगा।”
मिलेट्स कम पानी में उगने वाली, पोषण से भरपूर और जलवायु अनुकूल फसल है। यह न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उत्तराखंड का मिलेट्स मॉडल आज अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन रहा है।

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