कुमाऊं में यहां हुए हादसों में दो दोस्तों समेत तीन की मौत

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समाचार शगुन उत्तराखंड 

थल-डीडीहाट सड़क पर सफेद घाटी में पंत्याली के पास सेंट्रो कार शनिवार देर शाम 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दाफिला गांव के दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना का पता दूसरे दिन तब चला जब बकरी चराने गए एक ग्रामीण ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थानाध्यक्ष अंबी राम आर्या ने बताया कि दाफिला गांव के सुरेंद्र सिंह रावत (30) और सुनील सिंह बोरा (24) शनिवार देर शाम कार से घूमने निकले थे। देर रात तक उनके नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। बीती रविवार सुबह बकरी चरा रहे व्यक्ति की नजर दुर्घटनाग्रस्त कार पर पड़ी। उसने अपने परिचित को फोन कर पुलिस को सूचना देने के लिए कहा। सूचना मिलने पर पुलिस टीम रेस्क्यू उपकरण लेकर घटनास्थल पर पहुंची। हादसे की सूचना पर वहां दोनों ओर वाहनों और लोगों का जमावड़ा लग गयारस्सी के सहारे पुलिस और स्थानीय युवा गहरी खाई में उतरे, जहां सुरेंद्र सिंह रावत पुत्र आनंद सिंह रावत और उससे करीब 200 मीटर दूर सुनील सिंह बोरा पुत्र खड़क सिंह बोरा मृत पड़े थे। दोनों के शवों को टीम ने रस्सी के सहारे खड़ी चढ़ाई से सड़क तक पहुंचाया। थानाध्यक्ष ने बताया कि सुरेंद्र सिंह रावत थल में शिव फ्यूल्स पेट्रोल पंप पर कार्यरत था और उसका एक साल पहले ही विवाह हुआ था। सुनील सिंह बोरा पॉलीटेक्निक कॉलेज बांसबगड़ में द्वितीय वर्ष का छात्र था। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेड़ीनाग भेज दिया।‌
इधर धारचूला के रांथी ग्राम सभा के धोला तोक निवासी दीपक सिंह (30) पुत्र बिशन सिंह की पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आकर 70 मीटर गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। कोतवाल विजेंद्र शाह ने बताया कि दीपक सिंह बीती शनिवार शाम 7:30 बजे ग्रिफ में दैनिक मजदूरी करने के बाद घर लौट रहा था। इसी दौरान पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आकर राथी और जुम्मा को अलग करने वाली कुलागाड़ की गहरी खाई में गिर गया। उसके परिजन केसर सिंह धामी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पवन धामी ने एसएसबी अधिकारियों और प्रशासन को उसके खाई में गिरने की सूचना दी। 

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