आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्रों की तस्वीर पहले से अलग नजर आएगी। चुनाव आयोग ने महिला सशक्तीकरण से लेकर दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा और बेहतर मतदान अनुभव के लिए खास इंतजामों का खाका तैयार किया है।

उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में इस बार 130 मतदान केंद्रों की कमान महिलाओं के हाथ में होगी। वहीं, मतदाताओं को बेहतर अनुभव के लिए 92 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाने की योजना भी है। चुनाव आयोग ने आगामी विस चुनाव मद्देनजर बड़ा प्लान तैयार किया है। दिव्यांगों के लिए 66 विशेष बूथ भी बनाए जाएंगे।
आगामी चुनाव में महिला सशक्तीकरण की मजबूत तस्वीर दिखेगी। 2022 के विधानसभा चुनाव में जहां केवल 79 पोलिंग स्टेशन पूरी तरह महिलाओं की ओर से संचालित थे, वहीं 2027 के चुनाव में इसे बढ़ाकर 137 महिला बूथ करने का प्रस्ताव है। दिव्यांग कार्मिकों के संचालन में 66 विशेष मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मतदाताओं के बेहतर अनुभव के लिए प्रदेश में 92 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
20 किमी से अधिक पैदल दूरी वाले बूथ
प्रदेश में कुल 12,543 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। तीन पोलिंग स्टेशन ऐसे हैं, जहां 20 किलोमीटर से भी अधिक की पैदल दूरी तय करनी पड़ेगी। इनमें उत्तरकाशी के दो और चमोली का एक बूथ शामिल है। आठ बूथ ऐसे हैं, जहां 10 से 15 किमी और 23 बूथों पर आठ से 10 किमी की पैदल चढ़ाई चढ़नी होगी। दुर्गम स्थिति को देखते हुए 12 पोलिंग पार्टियां तीन दिन पहले और 665 पार्टियां दो दिन पहले ही मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दी जाएंगी।
