The post सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी appeared first on Avikal Uttarakhand.
हल्द्वानी में एचएमटी रानीबाग के गेट पर कांग्रेस का धरना
एचएमटी से प्राग फार्म तक कांग्रेस ने उठाए सवाल
सुमित हृदयेश बोले- उद्योगों के बजाय होटल बनाने की तैयारी, युवाओं के रोजगार से खिलवाड़
अविकल उत्तराखंड
हल्द्वानी। उत्तराखंड की सरकारी जमीनों और ऐतिहासिक धरोहरों को निजी हाथों में सौंपने की कथित तैयारी के विरोध में गुरुवार को महानगर कांग्रेस ने एचएमटी फैक्ट्री रानीबाग के गेट नंबर-दो पर धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार सरकारी संपत्तियों का इस्तेमाल जनहित और रोजगार सृजन के बजाय निजी व्यावसायिक हितों को लाभ पहुंचाने के लिए कर रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘हमारी भूमि, हमारा अधिकार, कांग्रेस की यही है पुकार’ का नारा बुलंद किया।
विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि हल्द्वानी कुमाऊं का प्रवेश द्वार है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की शुरुआत भी इसी क्षेत्र से हो रही है। एचएमटी रानीबाग का घड़ी कारखाना कभी हजारों परिवारों की आजीविका का आधार था। कांग्रेस की मंशा इस जमीन पर नए उद्योग स्थापित कर स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की थी, लेकिन वर्तमान सरकार यहां उद्योगों के बजाय होटल स्थापित करने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि नैनीताल रोपवे के लिए पांच एकड़ जमीन छोड़कर शेष 53 एकड़ भूमि उत्तराखंड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जमीन पर रोजगार देने वाले उद्योग स्थापित होने चाहिए थे, वहां होटल बनाने की योजना क्यों तैयार की जा रही है।
हृदयेश ने कहा कि सरकार की नजर केवल एचएमटी की जमीन पर ही नहीं है। रानीबाग, ज्योलीकोट, रातीघाट और रामगढ़ के ऐतिहासिक निरीक्षण भवनों को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। पटवाडांगर की जमीन और नैनीताल के सीवर संयंत्र से जुड़े फैसले भी सवाल खड़े कर रहे हैं। ये संपत्तियां केवल सरकारी जमीन नहीं, बल्कि कुमाऊं की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत हैं। कांग्रेस इन्हें निजी व्यावसायिक हितों के हवाले नहीं होने देगी।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर प्रदेश की जनता का अधिकार है। सरकार को बताना चाहिए कि जब बेरोजगार युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं और भूमिहीन परिवार आवास के लिए परेशान हैं, तब बड़ी मात्रा में सरकारी जमीनें निजी संस्थानों को किस उद्देश्य से दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की जमीन और प्रदेश की अस्मिता की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने ऋषिकेश के आईडीपीएल की 633 एकड़, डाकपत्थर की करीब 190 एकड़, मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट की 142 एकड़ और किच्छा के प्राग फार्म की लगभग 1938 एकड़ जमीन का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि इन संपत्तियों का इस्तेमाल निजी लाभ के बजाय जनहित, रोजगार सृजन और प्रदेश के विकास के लिए किया जाना चाहिए।
जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सरकारी संपत्तियों को जनहित में इस्तेमाल करने के बजाय निजी व्यावसायिक घरानों को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। एचएमटी रानीबाग और प्राग फार्म की जमीन पर स्थानीय युवाओं को रोजगार, किसानों के हित और भूमिहीन परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएगी।
ये हैं कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं ने एचएमटी रानीबाग की जमीन पर होटल के बजाय रोजगार देने वाले उद्योग स्थापित करने, कुमाऊं के ऐतिहासिक निरीक्षण भवनों को निजीकरण की प्रक्रिया से बाहर रखने और प्राग फार्म की जमीन पर किसानों, भूमिहीनों तथा स्थानीय जनता के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।
धरने की अध्यक्षता महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने की, जबकि संचालन एचएमटी के पूर्व यूनियन नेता गिरीश पांडे ने किया। प्रदर्शन में हेमंत बगड़वाल, हरीश पनेरू, भोला दत्त भट्ट, गुरप्रीत प्रिंस, डॉ. मयंक भट्ट, मलय बिष्ट, नरेश अग्रवाल, मोहन बिष्ट, जाकिर हुसैन, जीवन कार्की, सालीम सिद्दीकी, हेमंत साहू, शोभा बिष्ट, मधु सांगुड़ी, गीता बहुगुणा, साइमा सिद्दीकी, भगवती जोशी, रेणु तोमर, प्रकाश पांडे, वीरेंद्र चौहान, जगमोहन बगड़वाल, किरण माहरा, हेम दुर्गापाल, दीप पाठक, महेंद्र कुमार, संजय रावत, हर्ष मनकोटी, सूरज बिष्ट, पार्षद हेमंत शर्मा, धर्मवीर, सन्नी सेठी, शंकर कोहली, मनोज भट्ट, प्रदीप कुमार, हरीश लाल वैद्य, साबिल अहमद, राजा राणा, हबीबुर्रहमान कोहली, एडवोकेट कुंदन बिष्ट और पार्षद मोहम्मद गुफरान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
The post सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी appeared first on Avikal Uttarakhand.
