अंकिता मर्डर-महापंचायत ने मौजूदा सीबीआई जांच को किया खारिज

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अंकिता के पिता बोले, भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की भूमिका की हो जांच

पद्मश्री डॉ अनिल प्रकाश जोशी, काल डिटेल व बुलडोजर एक्शन का मुद्दा गरमाया

राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन में कहा,
सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में हो सीबीआई जांच

अविकल थपलियाल

देहरादून। दून की महापंचायत में अंकिता भंडारी मर्डर केस के ‘वीआईपी’ और  मौजूदा सीबीआई जांच के मुद्दे पर  खुलकर नाराजगी झलकी।
आठ फरवरी की महापंचायत में अंकिता के माता-पिता की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलवाने वाली भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की काल डिटेल निकाली जाय।

पूर्व सीएम हरीश रावत

उन्होंने कहा कि पुलकित आर्य समेत सभी अभियुक्तों और सम्बंधित लोगों की काल डिटेल सामने आनी चाहिए। उन्होंने पद्मश्री अनिल प्रकाश जोशी की प्राथमिकी पर भी गहरा असंतोष व्यक्त किया। इस दौरान अंकिता की मां सोनी देवी मंच पर भावुक नजर आयी।
करीब 5 घण्टे तक चली महापंचायत में जनगीत के बीच वक्ताओं ने मौजूदा सीबीआई जांच को महज छलावा करार दिया।

कमोबेश सभी वक्ताओं के निशाने पर वीआईपी रहे। वक्ताओं ने एकस्वर में कहा कि अंकिता ने झुकना कबूल नहीं किया। और एक्स्ट्रा सर्विस का जमकर विरोध करते हुए जान गंवा दी।
इस दौरान राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन भी।पढ़कर सुनाया गया।

अंकिता के माता-पिता

रविवार की सुबह परेड ग्राउंड की निकट आयोजित महापंचायत में अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के आहवान पर पूर्व सीएम हरीश रावत की।मौजूदगी भी उल्लेखनीय रही।

सभी ने कहा कि वीआईपी को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे डाला जाए।  पूर्व मुख्यमंत्री व इंडिया गठबंधन के सहयोगी हरीश रावत ने कहा कि सीबीआई जांच पर किसी को भरोसा नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह जांच केवल वीआईपी को बचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल सकता है।

उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा प्रायोजित एफआईआर के आधार पर सीबीआई जांच चल रही है, लेकिन अंकिता के माता पिता की शिकायत पर क्यों एफआईआर दर्ज नहीं की गई यह चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रायोजित शिकायत को जांच का आधार नहीं मान सकते है। उन्होंने कहा कि जो वर्तमान में सीबीआई जांच चल रही है वह केवल जनता को भ्रमित करने वाली है। उन्होंने कहा कि आज एक ही अंकिता नहीं है। अभी  हाल ही में दून में तीन कामकाजी महिलाओं की हत्याएं हुई है और वह भी किसी से छिपा हुआ नहीं हैै।

उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीति नहीं है और जो लोग कहते है कि राजनीति है तो जरूर राजनीति है। उन्होंने कहा कि प्रदेश व केंद्र  सरकार वीआईपी को बचाने में जुटी है।
आंदोलनकारी कमला पंत ने कहा कि किसी भी जांच की बुनियाद एफआईआर होती है, लेकिन इस मामले में जो एफआईआर आनन फानन में की गई है वह पूरी तरह से संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी के माता पिता की शिकायत पर एफआईआर क्यों नहीं की गई है और उन्हें शुरू से ही इससे अलग रखा गया है।

उन्होंने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की जानी चाहिए। पंत ने कहा कि जस वीआईपी की चर्चा सामने आई, उस पर सरकार जानबूझकर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा प्रायोजित एफआईआर पर की जा रही जांच को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि सरकार द्वारा प्रायोजित शिकायत को जांच का आधार नहीं माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष को जारी रखेंगे।

भाकपा माले नेता इन्द्रेश मैखुरी ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिवार को जानबूझकर मामले से अलग रखा जा रहा है और उन्हें शिकायतकर्ता नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि कल जब सभी अंकिता भंडारी हत्याकांड के लिए  तैयारियों में जुटे हुए थे तो भाजपाई केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का स्वागत कर रहे थे। 

माकपा नेता समर भंडारी ने कहा कि बिना सुप्रीम कोर्ट की निगरानी के सीबीआई जांच से न्याय संभव नहीं है। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को ध्वस्त बताते हुए कहा कि भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि वीआईपी को  जल्द ही पद से हटाकर उसकी जांच कराई जाए। महापंचायत में पांच प्रस्ताव भी पारित किए गए।

महापंचायत में राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किए जाने का भी निर्णय लिया। इस दौरान अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।

महापंचायत में सुरेंद्र कुमार, धीरेंद्र प्रताप, अजीत अंजुम, पीसी तिवारी, राजीव लोचन साह, चारू तिवारी, डॉ. एस एन सचान, एस एस पांगती, प्रदीप कुकरेती, गरिमा मेहरा, दसौनी, संजय शर्मा, सुरेंद्र सिंह सजवाण, अतुल शर्मा, अभिनव थापर, लोकेश नवानी, अनूप नौटियाल, भावना पांडे, शकंुतला राणा, निर्मला बिष्ट, स्वाति नेगी, महेश जोशी, लोकेश नवानी, गीता बिष्ट, जगमोहन मेंहदीरत्ता, प्रेम बहुखंडी,   त्रिलोचन भटट, सतीश धौलाखंडी, मोहित डिमरी, जगदीश कुकरेती, तन्मय ममगांई आदि उपस्थित रहे।

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