उत्तरकाशी में लापता बबीता पांडे की तलाश तेज, नटीण के जंगलों और गुफाओं में खाक छान रही टीमें !

उत्तरकाशी में लापता बबीता पांडे की तलाश तेज, नटीण के जंगलों और गुफाओं में खाक छान रही टीमें !
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बीते माह 29 मई को रामनगर की बबीता पांडे दयारा बुग्याल के गोई से अचानक लापता हो गई थी। सूचना मिलने पर वन विभाग सहित पुलिस और एसडीआरएफ ने खोज-बचाव अभियान शुरू किया। लेकिन युवती का कुछ पता नहीं लग पाया।

दयारा बुग्याल ट्रैक पर लापता बबीता पांडे मामले में पुलिस सहित खोज-बचाव टीम ने दोबारा नए सिरे से जांच व खोजबीन शुरू कर दी है। रेसक्यू टीम की ओर से नटीण के घने जंगलों में भालू आवासीय संभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही जंगल के बीच में खुदे हुए स्थानों को खोदकर और पानी के टैंक के भीतर भी तलाश की गई।

बीते माह 29 मई को रामनगर की बबीता पांडे दयारा बुग्याल के गोई से अचानक लापता हो गई थी। सूचना मिलने पर वन विभाग सहित पुलिस और एसडीआरएफ ने खोज-बचाव अभियान शुरू किया। लेकिन युवती का कुछ पता नहीं लग पाया। उसके बाद जिला प्रशासन की ओर से लापता को ढूंढने के लिए एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान को अभियान में शामिल किया। साथ ही हेलीकॉप्टर के माध्यम से भी वहां पर खोज अभियान चलाया गया। लेकिन उसका कहीं भी कोई सुराग नहीं लग पाया।

इस बीच पुलिस ने उसके अपहरण के मामले में दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और तकनीकी जांच भी शुरू की। लेकिन उसके बाद भी सफलता नहीं मिली। इस पर रेस्क्यू टीम की संख्या घटा दी गई। पिछले कुछ दिनों से रेसक्यू अभियान को धीमा कर दिया गया था। लेकिन मंगलवार को एक बार फिर अभियान की नेतृत्व कर रहे सीओ जनक सिंह पंवार सहित सीओ बड़कोट चंचल शर्मा पुलिस, वन विभाग, एसडीआरएफ और क्यूआरटी टीम के साथ दोबारा लापता को ढूंढने पहुंचे।

इस बार उन्होंने दयारा ट्रैक के बांई ओर नटीण के घने जंगलों में भालू आवास संभावित क्षेत्रों में तलाश शुरू की गई है। साथ ही जंगल के बीच बने पानी के टैंक में भी लापता युवती को ढूंढा गया। टीम की ओर से जंगल के बीच खुदे हुए स्थानों को दोबारा पानी डालकर खोदा गया।

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