Uttarakhand: चप्पल पहनकर वाहन चलाना पड़ सकता है भारी, सालभर में कटे केवल 19 चालान !

Uttarakhand: चप्पल पहनकर वाहन चलाना पड़ सकता है भारी, सालभर में कटे केवल 19 चालान !
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चप्पल पहनकर वाहन चलाना बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि आपात स्थिति में यह ब्रेक या क्लच के नीचे फंसकर एक्सीडेंट का कारण बन सकती है, लेकिन परिवहन विभाग इस मामले में बेहद लापरवाह नजर आया है।

कार चलाते समय पैरों की छोटी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा करा सकती है। चप्पल पहनकर ड्राइविंग करने की आदत चालकों के लिए खतरा बन सकती है क्योंकि आपात स्थिति में यही चप्पल ब्रेक लगाने में बाधा बन सकती है। इसके बावजूद परिवहन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में इस मामले में कार्रवाई बेहद सीमित रही है।

अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक परिवहन विभाग ने चप्पल पहनकर वाहन चलाने वाले केवल 19 चालकों के चालान किए। वहीं ट्रिपल राइडिंग के मामलों में 168 चालान किए गए। दूसरी ओर बिना हेलमेट, बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में विभाग ने 23,723 वाहनों पर कार्रवाई की और 1,384 वाहनों को सीज किया।

चप्पल पहनकर वाहन चलाने में सबसे बड़ा खतरा पैर की पकड़ कमजोर होना है। खुली या हवाई चप्पलें कई बार ब्रेक या क्लच के नीचे फंस सकती हैं। ऐसे में अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में चालक को परेशानी हो सकती है। इसके अलावा पैडल पर दबाव सही तरीके से नहीं पड़ने से वाहन नियंत्रण बिगड़ने की आशंका रहती है।

आंकड़े झूठ नहीं बोलते…
परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक चप्पल पहनकर वाहन चलाने के मामले में सिर्फ 19 चालान हुए। इस अवधि में अक्तूबर तक इस नियम के तहत एक भी कार्रवाई नहीं की गई। ट्रिपल राइडिंग में भी कार्रवाई सीमित रही। कुल 168 चालान किए गए, जबकि मई, जुलाई और अगस्त में कोई चालान दर्ज नहीं हुआ। वहीं बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 7,578, बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के 1,100 और ओवरलोडिंग के मामले में 997 वाहनों के चालान किए गए। चप्पल पहनकर कार चलाने पर धारा 177 के तहत 500 रुपये और ट्रिपल राइडिंग पर धारा 194 के तहत 1,000 रुपये का चालान निर्धारित है।

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