डॉ. विशाल चतुर्वेदी, बाबा नीब करौरी का किरदार निभाने वाले सौभिनव, बाबा जी की पत्नी रामबेटी का किरदार निभाने वालीं पूर्णिमा तिवारी और गीतों के जरिये जनमानस तक पहुंचे सत्या तिवारी हाल ही में देहरादून पहुंचे थे। पढ़िए उनसे बातचीत के प्रमुख अंश…
सवाल: विशाल जी, आपने फिल्म में पूरी हनुमान चालीसा सुनाई और शूटिंग के दौरान भी इसका पाठ किया। इसका क्या राज है? क्या लगा था कि आज की पीढ़ी आध्यात्मिक बातें समझेगी?
जवाब: मैं इसे महाराज जी का प्रसाद मानता हूं। महाराज जी के समय तमाम विदेशी और पाश्चात्य परिवेश से आए लोगों के जीवन में उनके संपर्क से बदलाव हुआ। नई पीढ़ी बहुत क्षमतावान और समझदार है। प्रमोशन के लिए स्कूल-कॉलेजों में युवाओं के बीच जा रहा हूं और देख रहा हूं कि फिल्म और किरदारों को लेकर जबरदस्त क्रेज है। इसे मैं बेहतरीन परिवर्तन मानता हूं। अब ऐसे विषयों पर चर्चा होगी और ऐसी फिल्में भी बनेंगी, जिन्हें युवा पसंद करेगा। इससे मेरी मान्यता को बल मिला है। शूटिंग के पहले दिन महाराज जी का किरदार निभाने वाले अभिनेता अचानक बीमार पड़ गए। दूसरे दिन नए कलाकार सौभिनव के साथ शूटिंग शुरू करने पहुंचे तो कैमरा रोल नहीं हुआ। अड़चनें आती रहीं, फिर मैंने सब हनुमान जी पर छोड़ दिया। पूरी टीम के साथ हनुमान चालीसा पढ़ी। चालीसा खत्म होते-होते पता नहीं कौन-सी ऊर्जा हम सबमें आ गई। शूटिंग के दौरान जब-जब अटके, चालीसा पढ़ते रहे और संकट कटते रहे।
