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एसआईआर से मतदाता सूची में कटौती पर झलका आक्रोश
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। लेखक एवं आंदोलनकारी त्रेपन सिंह चौहान की जयंती के अवसर पर रविवार को देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे मजदूरों ने निर्माण मजदूर योजना में व्याप्त कमियों, मलिन बस्तियों के निवासियों के अधिकारों, प्रस्तावित एलिवेटेड रोड और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में नामों की संभावित कटौती के मुद्दे पर आवाज उठाई।
अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित जनसभा में वक्ताओं ने मांग की कि निर्माण मजदूर योजना के तहत सभी पात्र निर्माण मजदूरों का पंजीकरण किया जाए और उन्हें बिना अनावश्यक शर्तों तथा लंबी प्रक्रिया के योजना का लाभ दिया जाए। साथ ही मलिन बस्तियों से संबंधित वर्ष 2016 में बने अधिनियम को लागू करने की मांग उठाई गई।
प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को रद्द कर उसकी जगह सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत करने और बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की। इन मांगों से संबंधित बैनरों पर सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर किए। वहीं, एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में नामों की कटौती को लेकर भी चिंता जताई गई।
वक्ताओं ने त्रेपन सिंह चौहान के विचारों और सिद्धांतों को याद करते हुए कहा कि शोषण के खिलाफ संघर्ष करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य समर भंडारी ने भी जनसभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम में मजदूरों के अधिकारों और शोषणमुक्त समाज के लिए लगातार संघर्ष करने वाले अरुण तांती, राम प्रवेश, विनोद बडोनी, राजेंद्र शाह, सुनीता देवी, शंकर गोपाल, मुन्ना कुमार, पप्पू, राम नरेश, रहमत अली, जयपाल, रमन, मोहम्मद सर्वर, सीता देवी, सविता देवी, रेशमी देवी, सरोज देवी, मीरा देवी, इकबाल, राम प्रकाश मिश्रा और सुनेर सिंह समेत अन्य लोगों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भेदभावमुक्त, न्यायपूर्ण और समतापूर्ण समाज के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया। आयोजकों ने कहा कि यदि सरकार मजदूरों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन शंकर गोपाल ने किया।
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