शहीदों के परिजनों को अब 10 लाख की जगह 50 लाख की अनुग्रह राशि मिलेगी

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धामी ने लैंसडाउन में शहीद सम्मान समारोह में की घोषणाएं

अविकल उत्तराखण्ड

लैंसडाउन (पौड़ी गढ़वाल)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को लैंसडाउन में आयोजित शहीद सम्मान समारोह में शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करने की घोषणा की।

वीर सपूतों की अमर गाथाओं को नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों को ताम्रपत्र और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया तथा अमर शहीद गब्बर सिंह नेगी की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से लाई गई शहीदों के आंगन की पवित्र मिट्टी से भरे ताम्र कलशों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह मिट्टी देहरादून में बन रहे सैन्य धाम में स्थापित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्य धाम केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि अमर आत्माओं का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चली शहीद सम्मान यात्रा 2.0 शहीदों के परिजनों के आंसुओं का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं—

शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की गई।

परमवीर चक्र विजेताओं को ₹1.5 करोड़ की राशि प्रदान की जाएगी।

कोटद्वार के सैनिक विश्राम गृह का जीर्णोद्धार कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा।

वीर नारियों एवं पूर्व सैनिकों के लिए जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर संग्रहालय के जीर्णोद्धार के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

प्रदेश के कई विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और सड़कों का नाम शहीदों के नाम पर रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। अब तक 28 शहीद परिजनों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है, जबकि 13 मामलों की प्रक्रिया जारी है। आवेदन की समय सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से “एक पेड़ शहीदों के नाम” अभियान चलाने का भी आग्रह किया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि शहीद सम्मान यात्रा 2.0 का समापन लैंसडाउन में हुआ। जिसमें 71 शहीदों के आंगन की मिट्टी एकत्र की गई है। राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है और सरकार सैनिकों के सम्मान व कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में विधायक दिलीप सिंह रावत, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, एसएसपी लोकेश्वर सिंह सहित अनेक सैन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शहीद परिवार उपस्थित रहे।

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