भौगोलिक दूरी नवजात के उपचार में बाधा न बने – सुबोध

भौगोलिक दूरी नवजात के उपचार में बाधा न बने – सुबोध
Share This News:

The post भौगोलिक दूरी नवजात के उपचार में बाधा न बने – सुबोध appeared first on Avikal Uttarakhand.

ग्राफिक एरा में उत्तराखंड नियोकोन 2026

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। चिकित्सा विशेषज्ञों ने नवजात शिशुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने और नवजात मृत्यु दर को कम करने पर जोर दिया।

देश-विदेश के नियोनेटोलॉजिस्ट, पीडियाट्रिशियन और चिकित्सा विशेषज्ञ ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में उत्तराखंड नियोकोन 2026 को संबोधित का रहे थे । सम्मेलन में उत्तराखंड के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हर नवजात को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, यह सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। खासतौर पर दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ नवजात सेवाओं की पहुंच को मजबूत करना आवश्यक है, ताकि भौगोलिक दूरी किसी भी नवजात के लिए उपचार में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से उत्तराखंड नवजात मृत्यु दर को सिंगल डिजिट तक लाने के लक्ष्य की ओर प्रभावी कदम उठाए जा रहे है।

सम्मेलन को विशिष्ट अतिथि, नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के उत्तराखंड के इंचार्ज आईईसी डॉ. पंकज सिंह, उत्तराखंड ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एस.एन. सिंह और एनएचएम के उत्तराखंड मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ की असिस्टेंट डायरेक्टर, डॉ. उमा रावत ने भी संबोधित किया।

उत्तराखंड नियोनेटोलॉजी सोसाइटी के सचिव डॉ. शांतनु शुभम ने कहा कि उत्तराखंड में नवजात शिशुओं की जीवन रक्षा और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना जरूरी है।

दो दिवसीय सम्मेलन में नवजात पुनर्जीवन, रेस्पिरेटरी सपोर्ट, पोषण, संक्रमण और इंटेंसिव केयर जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने नवीनतम उपचार पद्धतियां साझा कीं। साथ ही, एडवांस्ड नियोनेटल रिससिटेशन, सीपीएपी एवं नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन और फैसिलिटी-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर पर विशेष वर्कशॉप आयोजित कर चिकित्सकों को व्यावहारिक जानकारी दी गई। सम्मेलन को वर्ल्ड बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर  नीलकंठ मिश्रा ने ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया।

इस  सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और उत्तराखंड नियोनेटोलॉजी सोसाइटी के संयुक्त रूप से किया। नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम के अध्यक्ष डॉ. लल्लन भारती और सचिव डॉ. अमित उपाध्याय, उत्तराखंड नियोनेटोलॉजी सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. अल्पा गुप्ता, ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की डीन डॉ. अर्चना ठाकुर सहित देश-विदेश से आए कई विशेषज्ञों ने सम्मेलन में प्रतिभाग किया।

The post भौगोलिक दूरी नवजात के उपचार में बाधा न बने – सुबोध appeared first on Avikal Uttarakhand.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *