नशे के मामलों में और लंबित परियोजनाओं पर फोकस

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चार्जशीट, नशा मुक्ति केंद्र और ‘मिसिंग लिंक फंडिंग’ पर तय की समयसीमा

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने राज्य में नशे के विरुद्ध कार्रवाई को तेज करने और धनाभाव के कारण लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में आयोजित अलग-अलग समीक्षा बैठकों में उन्होंने एनडीपीएस मामलों के त्वरित निस्तारण, नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना, जागरूकता अभियान चलाने तथा “मिसिंग लिंक फंडिंग” के माध्यम से अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

एनसीओआरडी की 10वीं राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए 546 लंबित प्रकरणों में दो माह के भीतर चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विवेचना और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कर नशा तस्करों को कड़ी सजा दिलाई जाए। साथ ही पौड़ी के कोटद्वार में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने, सभी जिलों के अस्पतालों में 5 से 10 बेड डी-एडिक्शन के लिए आरक्षित करने और स्कूल-कॉलेजों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा। ड्रग डिटेक्शन किट के उपयोग, हॉटस्पॉट क्षेत्रों में निगरानी और एंटी ड्रग क्लबों को सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया।

वहीं, “मिसिंग लिंक फंडिंग” की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों की अधूरी और आंशिक रूप से वित्तपोषित परियोजनाओं के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त धनराशि मिलने से लंबित परियोजनाओं को पूरा कर जनहित के कार्यों को तेजी दी जा सकेगी। वित्त विभाग को प्रस्तावों का परीक्षण कर आवश्यक स्वीकृति देने तथा जिलाधिकारियों को पूर्ण परियोजनाओं का संचालन सुनिश्चित करने और उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली अपनाते हुए राज्यहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।

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