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3534 शिक्षक-कर्मचारी अब तक नहीं कर पाए एक भी कोर्स
जून वेतन से पहले प्रशिक्षण प्रमाणपत्र देना होगा
सभी अधिकारियों को अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने iGOT (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की धीमी प्रगति पर गंभीर नाराजगी जताई है।
विभागीय समीक्षा में सामने आया है कि अब तक 3534 अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक iGOT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध एक भी प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा नहीं कर पाए हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने इस संबंध में सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों तथा मंडलीय अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विभाग के अधीन कार्यरत सभी अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक अपने दायित्वों के अनुरूप iGOT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कम से कम एक प्रशिक्षण कार्यक्रम तत्काल पूरा करें।
निदेशक ने बताया कि पूर्व में भी इस संबंध में कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्मिकों द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा नहीं किया जाना चिंताजनक है। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अधिकारियों को व्यक्तिगत स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में कहा गया है कि अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों, अतिथि शिक्षकों तथा आउटसोर्स कार्मिकों को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा जाए और उन्हें न्यूनतम एक कोर्स पूर्ण कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जून 2026 के वेतन आहरण से पूर्व सभी अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक यह प्रमाणित करें कि उन्होंने iGOT प्लेटफॉर्म पर कम से कम एक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कर लिया है।
इसके लिए संबंधित अधिकारियों को प्रमाण-पत्र प्राप्त कर अभिलेखों में सुरक्षित रखने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि iGOT प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी कार्मिकों की क्षमता वृद्धि, कार्यकुशलता और प्रशासनिक दक्षता में सुधार लाया जा सकता है। इसलिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागिता को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाय।

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