धान अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीकों पर मंथन

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उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने कटक के राइस रिसर्च संस्थान का किया दौरा

अविकल उत्तराखण्ड

कटक। उत्तराखंड के प्रमुख मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने ICAR–Central Rice Research Institute (CRRI), कटक का दौरा किया।

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने धान उत्पादन से जुड़ी अनुसंधान गतिविधियों, विकास कार्यक्रमों और आधुनिक तकनीकी नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर Press Information Bureau (PIB), देहरादून के सहायक निदेशक संजीव कुमार सुन्द्रियाल तथा PIB, भुवनेश्वर के सहायक निदेशक महेंद्र प्रसाद जेना भी मौजूद रहे।

संस्थान के निदेशक डॉ. प्रताप भट्टाचार्य ने पत्रकारों का स्वागत करते हुए बताया कि संस्थान अब तक 194 धान की किस्में विकसित कर चुका है। इनमें प्रतिकूल परिस्थितियों को सहन करने वाली तथा बायोफोर्टिफाइड किस्में भी शामिल हैं। इन किस्मों का उपयोग देश के लगभग 22 प्रतिशत धान क्षेत्र में किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि संस्थान जीनोम एडिटिंग टूल (TnpB), एआई आधारित प्रिसीजन एग्रीकल्चर, ड्रोन तकनीक, धान के भूसे के पुनः उपयोग, RiceXpert एडवाइजरी प्लेटफॉर्म, मीथेन उत्सर्जन कम करने वाले फॉर्मुलेशन तथा नाइट्रोजन उपयोग दक्षता बढ़ाने जैसी तकनीकों पर कार्य कर रहा है।

इंटरएक्टिव सत्र में डॉ सुतापा सरकार व अन्य वैज्ञानिकों ने जलवायु अनुकूल कृषि, जैविक खेती, सुगंधित एवं GI टैग वाले चावल तथा लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली किस्मों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए।
प्रतिनिधिमंडल ने अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और अनुसंधान खेतों का भी निरीक्षण किया।

इस दौरे से मीडिया प्रतिनिधियों को संस्थान के कार्यों की बेहतर समझ मिली तथा कृषि अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मीडिया और संस्थान के बीच समन्वय और मजबूत हुआ।

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