The post बुलडोजर नीति पर हरिद्वार में गरजा जनसमूह appeared first on Avikal Uttarakhand.
पीपुल्स एसेंबली और आंदोलन की चेतावनी
अविकल उत्तराखंड
हरिद्वार। हरिद्वार में मंगलवार को आयोजित जन सम्मेलन में राज्य में बढ़ती बुलडोजर कार्रवाइयों और भूमि-आवास संकट के विरोध में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि बेदखली की कार्रवाइयों से ग्रामीण और शहरी गरीबों पर गंभीर असर पड़ रहा है, इसलिए सरकार को तत्काल सभी प्रकार की बेदखली पर रोक लगानी चाहिए और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की ठोस नीति लागू करनी चाहिए। सम्मेलन में गांवों, गोठ-खत्तों और शहरी बस्तियों में पीपुल्स एसेंबली आयोजित करने और देहरादून में प्रदर्शन करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण लोगों को घर, खेत और कारोबार से बेदखल होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में वन भूमि का प्रतिशत अधिक होने के बावजूद लोगों को भूमि अधिकार नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मलिन बस्ती अधिनियम के अनुसार बिना पुनर्वास किसी को हटाया नहीं जा सकता, लेकिन कई स्थानों पर इसका पालन नहीं हो रहा है। सम्मेलन में विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों और प्रभावित समुदायों के प्रतिनिधियों ने वन भूमि पर बसे लोगों को अधिकार देने, शहरी बस्तियों के नियमीकरण, और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि यदि बेदखली अपरिहार्य हो तो प्रभावित परिवारों की सहमति और भागीदारी से मानवीय पुनर्वास किया जाए।
सभा को समाजवादी लोक मंच के मुनीष कुमार, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, वन पंचायत संघर्ष मोर्चा के तरुण जोशी, बापू ग्राम संघर्ष समिति के सुरेंद्र सिंह नेगी, महिला किसान मंच की हीरा जंगपांगी इंकलाबी मजदूर केंद्र के रोहित रुहेला, महिला एकता मंच की ललिता रावत, वन गूजर युवा ट्राइबल संगठन के नजाकत अली, अमानत अली, शमशाद भाई,बग्गा चौवन के धर्म सिंह, राष्ट्रीय वन जन श्रमजीवी यूनियन के मुन्नी लाल, चरण सिंह,जन अधिकार मंच के विश्वजीत, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के मौ आसिफ, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिंबाल, वन समिति देवी चौड़ा खत्ता के खीम राम, पूछड़ी वन समिति की रेनु, पान सिंह रौतेला, राजा, मजदूर नेता सुनीता, क्रालोस के नासिर अहमद आदि ने संबोधित किया।
सम्मेलन में पारित प्रमुख प्रस्ताव
- राज्य में सभी प्रकार की बेदखली पर तत्काल रोक लगाने की मांग।
- प्रभावित गांवों और बस्तियों में पीपुल्स एसेंबली आयोजित करने का निर्णय।
- वन भूमि पर बसे लोगों को अधिकार देने और पुनर्वास नीति लागू करने की मांग।
- शहरी मलिन बस्तियों के नियमीकरण के लिए कानून का सख्ती से पालन कराने की मांग।
भूमि और आवास मुद्दे पर बढ़ता असंतोष
राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने कहा कि भूमि और आवास से जुड़े मामलों में लोगों को लंबे समय से न्याय नहीं मिल रहा है। कई परिवारों का आरोप है कि पुनर्वास योजना स्पष्ट नहीं होने के कारण वे असुरक्षा में जीवन जी रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो राज्य-स्तरीय आंदोलन चलाया जाएगा।
The post बुलडोजर नीति पर हरिद्वार में गरजा जनसमूह appeared first on Avikal Uttarakhand.
