आंगन से अंतरिक्ष तक बेटियां लहरा रही परचम

Share This News:

The post आंगन से अंतरिक्ष तक बेटियां लहरा रही परचम appeared first on Avikal Uttarakhand.

राष्ट्रीय महिला आयोग ने डा. राखी घनशाला को किया सम्मानित

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने कहा कि आंगन से लेकर अंतरिक्ष तक भारत की बेटियां आज अपनी प्रतिभा, साहस और संकल्प का परचम लहरा रही है। नया भारत उन बेटियों का भारत है जो सपनों को हकीकत में बदलने का हौसला रखती है। समारोह में ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन की वाइस चेयरपर्सन डा. राखी घनशाला को राष्ट्रीय महिला आयोग से सम्मानित किया गया।

श्रीमती विजया रहाटकर आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में कैंपस कॉलिंग कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यही युवा राष्ट्र की दिशा और दशा तय करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हमारा युवा जागरुक होगा तो ही हमारा भविष्य सुरक्षित और स्वर्णिम होगा। श्रीमती विजया ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए बनाए गए कानून की जानकारी हर नागरिक तक पहुंचना बेहद जरूरी है। डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट और साइबर क्राइम एक्ट जैसे कानून की जानकारी का अभाव ही अक्सर लोगों को नुकसान पहुंचता है। ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश की अग्रणी और जागरूक संस्थानों में से एक है जो शिक्षा के साथ-साथ समाज में जिम्मेदारी, चेतना और परिवर्तन का भाव जगाने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है, जहां हर छात्र और छात्रा परिवर्तन की कार्यशक्ति है।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल ने कहा कि भारत की महिलाएं केवल प्रेरणा नहीं परिवर्तन की पहचान बन चुकी है, जो बड़े-बड़े पदों पर कार्य कर अपने परिश्रम, क्षमता और नेतृत्व से पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ा रही हंै। श्रीमती कुसुम ने उत्तराखंड की महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की नारी फूल नहीं चिंगारी है, जो कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष, धैर्य और साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा, शिक्षा और जागरूकता, महिला सशक्तिकरण के तीन सबसे बड़े स्तंभ है और इन पर काम करना हम सब की जिम्मेदारी है। श्रीमती कुसुम ने इस बात पर बल दिया कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल नारों या योजनाओं तक सीमित ना रहे बल्कि यह प्रत्येक घर और विचार में समाहित होना चाहिए।

कार्यक्रम में आयोजित विविध सत्रों में छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे समजोपयोगी विषयों की गहन जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, संवैधानिक अधिकारों और सुरक्षा उपायों और स्वयं की रक्षा की व्यवहारिक तरीकों से भी अवगत कराया गया। इन सत्रों ने न केवल युवाओं को कानूनी दृष्टि से सजग बनाया बल्कि उनमें यह भावना भी विकसित की की शिक्षित और जागरूक युवा ही सुरक्षित और संवेदनशील समाज की नींव रखता है।

इस कार्यक्रम का आयोजन सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में किया गया। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वाधान से यह पहल की गई। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डा. राकेश शर्मा, कुलपति डा. नरपिंदर सिंह, प्रो वीसी डा. संतोष एस. सर्राफ, कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, डीन ऑफ स्कूल ऑफ लॉ डा. डेजी अलेक्जेंडर, हेड ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट डिपार्टमेंट डा. अमर डबराल के साथ राष्ट्रीय महिला आयोग के मीडिया एडवाइजर श्री शिवम गर्ग अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. भारती शर्मा ने किया।

The post आंगन से अंतरिक्ष तक बेटियां लहरा रही परचम appeared first on Avikal Uttarakhand.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *