Dehradun: निशानेबाजी जगत को नम आंखों से विदाई, आज आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा जसपाल राणा का पार्थिव शरीर, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर होगा अंतिम संस्कार !

Dehradun: निशानेबाजी जगत को नम आंखों से विदाई, आज आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा जसपाल राणा का पार्थिव शरीर, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर होगा अंतिम संस्कार !
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मशहूर भारतीय निशानेबाजी कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर से हर कोई स्तब्ध है। आज उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

निशानेबाज जसपाल राणा को आज अंतिम विदाई दी जाएगी। उनका पार्थिव शरीर उनके अंतिम दर्शन के लिए देहरादून स्थित आवास पर रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए वाराणसी ले जाया जाएगा।  अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में देश का नाम रोशन करने वाले जसपाल राणा (50) के आकस्मिक निधन पर उनके पैतृक गांव टटोर नैनबाग चिलामू सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। गांव के बेटे की मौत की खबर सुनते ही क्षेत्र के अधिकतर लोग अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए देहरादून चल दिए।

राणा के करीबी दोस्त प्रदीप कवि, मोहन सिंह रावत और डॉ. विरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जसपाल बेहद सरल स्वभाव के थे। चार-पांच माह पहले जब वह तीन-चार दिन के लिए गांव आए थे, उस दौरान उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि जसपाल का जन्म उत्तरकाशी जिले में हुआ था, उस दौरान उनके पिता नारायण सिंह आईटीबीपी में तैनात थे। उनकी पढ़ाई मसूरी, दिल्ली आदि जगहों पर हुई। दिल्ली में पढ़ाई के दौरान उन्होंने शूटिंग का प्रशिक्षण भी लिया।

राणा के निधन पर धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुरारी लाल खंडवाल, शांति प्रसाद भट्ट, ब्लॉक प्रमुख सीता पंवार, कुंवर सिंह पंवार, सुनील थपलियाल सहित खेल प्रेमियों ने गहरा दुख जताया है।गरीब तबके के बच्चों को निशुल्क दे रहे थे प्रशिक्षण

नैनबाग (टिहरी)। जसपाल राणा के करीबी प्रदीप कवि ने बताया कि खेलों के प्रति शुरू से ही उनका विशेष लगाव था। वर्ष 2012 से उन्होंने युवाओं को कोचिंग देनी शुरू की। देहरादून में स्थित शूटिंग रेंज में वह क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निशुल्क निशानेबाजी का प्रशिक्षण देते थे।

तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे जसपाल

पूर्व खेल राज्य मंत्री नारायण सिंह राणा के तीन बच्चों में जसपाल सबसे बड़े थे, सुभाष दूसरे और उनके बाद बहन सुषमा राणा हैं। छोटे भाई सुभाष अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज होने के साथ वर्तमान में शूटिंग के कोच भी है। उनकी बहन सुषमा राणा भी निशानेबाज रही है, वह केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के परिवार की बहू हैं। जसपाल की बेटी देवांशी राणा ने भी शूटिंग प्रतियोगिता में विश्वकप चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और कांस्य मेडल जीतकर पिता का नाम रोशन किया है। छोटा बेटा युवराज भी निशानेबाजी के क्षेत्र में कैरियर बना रहे हैं। 

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