आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार था- धामी

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लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के साहस, संघर्ष और बलिदान के कारण ही देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना हो सकी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने वाले और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने वाले सेनानियों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

जीएमएस रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों का हनन हुआ, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया और संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद लोकतंत्र में आस्था रखने वाले लोगों ने संघर्ष जारी रखा और अंततः लोकतांत्रिक व्यवस्था को फिर से स्थापित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करता है। आपातकाल के दौरान इन अधिकारों को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन देश की जागरूक जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में वर्ष 2023 में लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान निधि 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह की गई। साथ ही आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों और उनके आश्रित जीवनसाथियों को विशेष पहचान पत्र भी उपलब्ध कराए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने विकसित भारत और श्रेष्ठ उत्तराखंड के निर्माण में लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान के सम्मान और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बिष्ट, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार तथा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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