हरिद्वार कांवड़ मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, 4.80 करोड़ शिवभक्त पहुंचे; पीछे छोड़ गए 7 हजार टन कूड़ा !

हरिद्वार कांवड़ मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, 4.80 करोड़ शिवभक्त पहुंचे; पीछे छोड़ गए 7 हजार टन कूड़ा !
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पुलिस-प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई से शुरू हुए कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार, कनखल, ज्वालापुर, सप्तऋषि, हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार शिवभक्तों का दबाव बना रहा। वहीं, मेला संपन्न होने के बाद हरिद्वार में करीब सात हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकला।

30 जुलाई से शुरू हुआ कांवड़ मेला मंगलवार को संपन्न हो गया। इस बार कांवड़ मेले में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरे मेला क्षेत्र में हर ओर शिवभक्तों की भीड़ नजर आई। गंगा से जल भरकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होने वाले कांवड़ियों की संख्या 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार तक पहुंच गई। अंतिम दिन मंगलवार को ही 36 लाख 62 हजार कांवड़िये हरिद्वार से जल लेकर रवाना हुए।

पुलिस-प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई से शुरू हुए कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार, कनखल, ज्वालापुर, सप्तऋषि, हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार शिवभक्तों का दबाव बना रहा। भगवा रंग में रंगी धर्मनगरी में बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।

बड़ी संख्या में कांवड़िये पैदल, डाक कांवड़ और विभिन्न वाहनों के माध्यम से हरिद्वार पहुंचे। कांवड़ मेला शुरू होने से सोमवार शाम छह बजे तक 4 करोड़ 43 लाख 78 हजार शिवभक्त जल लेकर अपने गंतव्य को प्रस्थान कर चुके थे।

इसके बाद मंगलवार को 36 लाख 62 हजार और कांवड़ियों ने गंगा जल उठाया। इससे मेले की कुल संख्या बढ़कर 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार हो गई। पिछले साल (2025) में चार करोड़ 52 लाख 90 हजार शिवभक्त हरिद्वार पहुंचे थे। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस बार मेले में कुल 4 करोड़ 80 लाख 40 हजार कांवड़ यात्री पहुंचे और गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए हैं।

कांवड़ मेले के बाद हरिद्वार में सात हजार टन कूड़ा
कांवड़ मेला संपन्न होने के बाद हरिद्वार में करीब सात हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकला। शहर को छोड़कर समूचे जिले में फैले कचरे को साफ करने के लिए प्रशासन ने 12 से 18 अगस्त तक विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया है। वहीं, नगर आयुक्त ने शिवरात्रि की देर शाम आरती के बाद खाली हुए घाट पर सफाई कर्मियों के विशाल समूह को उतार दिया।

मंगलवार की पूरी रात और बुधवार की सुबह तक घाटों की सफाई का अभियान चलेगा। वहीं दिन में शहर के गलियों और वार्डों में टीम रवाना की जाएगी। 12 दिन की कांवड़ यात्रा के दौरान देशभर से आए कांवड़ यात्रियों ने भारी मात्रा में कूड़ा छोड़ा है। नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, डाक कांवड़ के दो दिनों में ही पूरे शहर में 1700 मीट्रिक टन कूड़ा फैला। नगर निगम दिन-रात अभियान चलाकर सफाई में जुटा है। सफाई कर्मियों का समूह सबसे पहले घाटों पर उतरा। शिवरात्रि की संध्या बेला में आरती के बाद जब घाट खाली हुए, तब कचरे की वास्तविक स्थिति सामने आई।

इस वर्ष श्रद्धालुओं की ओर से छोड़े गए करीब दो हजार मीट्रिक टन से अधिक कपड़ों को रिसाइकल कर कपास तैयार किया जाएगा। कचरा एकत्र करने के साथ ही सूखा, गीला कूड़ा, प्लास्टिक और कपड़ों को अलग-अलग कर निस्तारण के लिए भेजा जा रहा है।

 

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