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एसटीएफ ने आरोपी को सोनीपत से दबोचा
टेलीग्राम ग्रुप और फर्जी कंपनी के जरिए रचा जाल, साइबर टीम ने किया खुलासा
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखंड की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इन्वेस्टमेंट के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर साइबर अपराधी को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अधिक मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से 27.38 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि प्रेमनगर, देहरादून निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, जुलाई 2025 में उसके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात महिला (कथित ‘माया शर्मा’) ने संपर्क किया और ऑनलाइन कार्य के जरिए पैसे कमाने का लालच दिया। इसके बाद उसे टेलीग्राम के एक ग्रुप से जोड़कर ‘डिजिट ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी के माध्यम से यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करने जैसे कार्य दिए गए।
शुरुआत में छोटे-छोटे लाभ देकर भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने पीड़ित को बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। पीड़ित ने अपने और अपनी मां के खातों से विभिन्न खातों में कुल 27,38,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद उसे ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में मुकदमा संख्या 29/2025 के तहत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान एसटीएफ टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर आरोपी की पहचान की।
पुलिस ने मुख्य आरोपी विनोद (39 वर्ष), निवासी सोनीपत, हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी वर्क फ्रॉम होम और निवेश ग्रुप बनाकर लोगों को ठगता था। आरोपी के खाते से ठगी की रकम में से करीब 8 लाख रुपये चेक के माध्यम से निकाले जाने की जानकारी मिली है।
गिरफ्तारी टीम में निरीक्षक राजेश सिंह, कांस्टेबल सोहन बड़ोनी और कांस्टेबल हरेंद्र भंडारी शामिल रहे।
एसटीएफ की अपील:
एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के निवेश के लालच में न आएं। अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। अज्ञात कॉल या वीडियो कॉल से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई या ईडी अधिकारी बताकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देता है तो घबराएं नहीं, क्योंकि कोई भी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in� पर शिकायत दर्ज कराएं।
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