2047 तक सुपोषित भारत का लक्ष्य

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दून में सम्पन्न हुआ आठवां राष्ट्रीय पोषण माह 2025

‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार ही विकसित भारत की आधारशिला’

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। आठवें राष्ट्रीय पोषण माह 2025 का भव्य समापन समारोह शुक्रवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर में आयोजित किया गया।

समारोह में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। यह आयोजन पोषण जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और व्यवहार परिवर्तन को समर्पित माह भर चले जन आंदोलन का समापन था।

कार्यक्रम में उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या, कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव लव अग्रवाल, उत्तराखंड सरकार के सचिव चंद्रेश कुमार यादव और संयुक्त सचिव राधिका झा भी उपस्थित रहीं।

अपने संबोधन में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि पोषण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर बच्चे और माँ के प्रति हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी और नैतिक प्रतिबद्धता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 मार्च 2018 को शुरू किया गया राष्ट्रीय पोषण अभियान अब एक परिवर्तनकारी जन आंदोलन बन चुका है, जो “सशक्त नारी, सुपोषित भारत” के साझा दृष्टिकोण से पूरे देश को जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि इस बार का पोषण माह खास रहा क्योंकि इसमें केवल महिलाएँ ही नहीं, बल्कि पुरुष और युवा भी सक्रिय भागीदार बने हैं। सावित्री ठाकुर ने कहा कि “आज के सुपोषित बच्चे ही वर्ष 2047 के सशक्त भारत के नागरिक होंगे।”

इस अवसर पर अतिरिक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देशभर के 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सेवाएँ दी जा रही हैं। 13 लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को पोषण ट्रैकर ऐप से जुड़े स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वास्तविक समय पर निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि ठिगनापन और कम वजन की दरों में उल्लेखनीय कमी आई है, जो कुपोषण के खिलाफ देश की बड़ी उपलब्धि है।

कार्यक्रम में रेखा आर्या ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं का पोषण ही “सोने की चिड़िया वाले भारत” की असली ताकत है। उन्होंने पोषण ट्रैकर को “जमीनी प्रतिबद्धता पर भरोसे की मुहर” बताया।

गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में एनीमिया के मामलों में कमी आई है और स्थानीय अनाजों—जैसे कोदों, कांवणी, झंगोरा—को अपनाकर राज्य पोषण और कृषि दोनों में आत्मनिर्भर बन रहा है।

कार्यक्रम में सावित्री ठाकुर ने उत्तराखंड महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, पोषण चैंपियंस को सम्मानित किया, किशोरियों को महालक्ष्मी किट प्रदान की तथा मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत ₹1 करोड़ 56 लाख 33 हजार की राशि 5211 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की।

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के वीडियो संदेश में कहा गया कि 2018 में प्रारंभ हुआ राष्ट्रीय पोषण अभियान अब एक सफल जन आंदोलन बन चुका है, जिसका श्रेय लाखों आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और विभागीय कर्मियों को जाता है।

इस वर्ष का आठवाँ पोषण माह छह प्रमुख थीमों—सजग भोजन, प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा, शिशु एवं छोटे बच्चों के लिए पोषण व्यवहार, पुरुषों की भागीदारी, वोकल फॉर लोकल तथा समन्वित प्रयास एवं डिजिटलीकरण—पर केंद्रित रहा। इन विषयों ने न केवल वर्तमान समाज को जागरूक किया, बल्कि वर्ष 2047 के “सुपोषित भारत” की नींव भी मजबूत की।

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