उत्तराखंड की जीएसडीपी ₹3.81 लाख करोड़, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹2.73 लाख

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एमएसएमई, स्टार्टअप, बिजली उत्पादन और पर्यटन में वृद्धि

राज्य को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध -धामी

2026-27 में 8.2% विकास दर का अनुमान

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। उत्तराखण्ड में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹2,73,921 हो गई है। जीएसडीपी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।2026-27 के लिए राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

वर्ष 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹3,81,889 करोड़ रहा, जबकि वर्ष 2021-22 में यह ₹2.54 लाख करोड़ था।
इस अवधि में जीएसडीपी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
गुरुवार को प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2021-22 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय ₹1,94,670 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर ₹2,73,921 हो गई है। इस वर्ष आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के सहयोग से तैयार की गई है।
वर्ष 2024-25 में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 7.23 प्रतिशत रही।

मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स वर्ष 2021-22 में 9.7 प्रतिशत था, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 6.92 प्रतिशत हो गया है। लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट वर्ष 2021-22 में 60.1 प्रतिशत था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 64.4 प्रतिशत हो गया है।
ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स वर्ष 2001 में 0.247, वर्ष 2017 में 0.684 और वर्ष 2021-22 में 0.718 था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 0.722 हो गया है।

राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की संख्या वर्ष 2021-22 में 59,798 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 79,394 हो गई है। एमएसएमई के माध्यम से रोजगार प्राप्त करने वालों की संख्या वर्ष 2022 में 3,43,922 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 4,56,605 हो गई है।

लार्ज इंडस्ट्री की संख्या वर्ष 2021-22 में 107 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 128 हो गई है। वर्ष 2017 तक राज्य में स्टार्टअप की संख्या शून्य थी, जो वर्ष 2021-22 में 702 और वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,750 हो गई है।
राज्य में सड़कों की कुल लंबाई वर्ष 2021-22 में 50,393 किमी थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 51,278 किमी हो गई है। वर्ष 2022 तक राज्य में 2 हेलीपोर्ट थे, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 7 हो गए हैं। हेलीपैड की संख्या वर्ष 2021-22 में 60 से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 118 हो गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में प्राइमरी विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर वर्ष 2021-22 में 1.64 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 1.41 प्रतिशत रह गई है। सेकेंडरी विद्यालयों में यह दर 7.65 प्रतिशत से घटकर 4.59 प्रतिशत हो गई है।
राज्य में शासकीय और अशासकीय डिग्री कॉलेजों की संख्या वर्ष 2021-22 में 124 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 139 हो गई है। इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 20 से बढ़कर 52 हो गई है।

विद्युत उत्पादन वर्ष 2021-22 में 5,157 मिलियन यूनिट था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 16,500 मिलियन यूनिट हो गया है। बिजली की खपत वर्ष 2022 में 12,518 मिलियन यूनिट थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 17,192 मिलियन यूनिट हो गई है।
सौर ऊर्जा उत्पादन वर्ष 2021-22 में 439 मेगावाट था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 1,027 मेगावाट हो गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर 22 से घटकर 20 और मातृ मृत्यु दर 103 से घटकर 91 हो गई है। औसत जीवन प्रत्याशा 71.7 वर्ष से बढ़कर 73 वर्ष हो गई है।

राज्य में अब सभी घरों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। धान और गेहूं का उत्पादन वर्ष 2021-22 में 28.23 कुंतल प्रति हेक्टेयर था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 32.47 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गया है। औषधीय एवं सुगंधित पौधों का क्षेत्रफल 900 हेक्टेयर से बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर हो गया है।

दुग्ध उत्पादन वर्ष 2021-22 में 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। मछली उत्पादन 7,325 टन से बढ़कर 10,487 टन प्रति वर्ष हो गया है।

पर्यटन के क्षेत्र में वर्ष 2021-22 में राज्य में 8,225 होटल व अन्य ठहराव स्थल थे, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 10,509 हो गए हैं। होमस्टे की संख्या 3,935 से बढ़कर 6,161 हो गई है।

एसडीजी इंडेक्स में वर्ष 2021-22 में राज्य चौथे स्थान पर था, जबकि वर्ष 2023-24 में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा।

उत्तराखंड राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण के सकारात्मक आंकड़े हमारे सतत विकास और सुशासन के प्रयासों का परिणाम हैं। जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय, एमएसएमई, स्टार्टअप और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि उत्तराखंड तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में रोजगार सृजन, निवेश प्रोत्साहन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर राज्य को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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