Kedarnath: मलबा आने से पैदल यात्रा मार्ग बाधित, रास्ता खोलने में जुटीं टीमें, अलकनंदा-मंदाकिनी उफान पर !

Kedarnath: मलबा आने से पैदल यात्रा मार्ग बाधित, रास्ता खोलने में जुटीं टीमें, अलकनंदा-मंदाकिनी उफान पर !
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गौरीकुंड के आगे मलबा आने से केदारनाथ यात्रा आंशिक रूप से रोकी गई है। मशीनें मार्ग खोलने में जुटीं हैं।

बीते रात बारिश के कारण केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड से आगे दो-तीन स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से बृहस्पतिवार सुबह यात्रा मार्ग बाधित हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने मार्ग पर आवाजाही रोक दी है। वहीं मौके पर वाईएमएफ और डीडीआरएफ की टीम मौजूद है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भारी बारिश के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर मलबा आने से मार्ग बाधित हुआ है। इसके कारण यात्रियों की आवाजाही को रोक दिया गया है। वहीं संबंधित विभाग की टीमें मौके पर मलबा हटाने के कार्य में जुटी हैं। मौसम अनुकूल होते ही मार्ग को सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।

अलकनंदा और मंदाकिनी खतरे के निशान से कुछ मीटर नीचे, ऊखीमठ में सबसे अधिक बारिश
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदी उफान पर है। बृहस्पतिवार सुबह भी अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर अब खतरे के निशान से कुछ ही मीटर नीचे है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सुबह सात बजे अलकनंदा का जलस्तर 626.89 मीटर रहा, जो 626 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर और खतरे का निशान 627 मीटर के नजदीक है। वहीं मंदाकिनी का जलस्तर 625.90 मीटर दर्ज किया गया, जो 625 मीटर के चेतावनी स्तर से अधिक और खतरे के निशान 626 मीटर के नजदीक है।

पिछले 24 घंटे में जखोली में 54 मिमी, ऊखीमठ में 38.20 मिमी और रुद्रप्रयाग में चार मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते जिले में बादल और कोहरा छाया हुआ है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर पालिका और नगर पंचायतों की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से नदी तटों से दूर रहने तथा अनावश्यक रूप से नदी और बरसाती नालों के समीप नहीं जाने की अपील की जा रही है।

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