उड़ीसा में देखी संस्कृति, विकास और तकनीक की नई तस्वीर

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उत्तराखंड के पत्रकार रघुराजपुर हेरिटेज विलेज का दौरा किया

  • उड़ीसा में रेल कॉरिडोर योजना, सेमीकंडक्टर योजना, सुभद्रा योजना के बारे में पत्रकारों को साझा की गई विस्तृत जानकारी
  • पांच दिवसीय मीडिया टूर के तहत पत्रकारों का पहले दिन का कार्यक्रम ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के अवलोकन के साथ शुरू हुआ
  • मीडिया प्रतिनिधियों ने कोणार्क सूर्य मंदिर और विश्वप्रसिद्ध हस्तशिल्प एवं सांस्कृतिक धरोहर गांव रघुराजपुर हेरिटेज विलेज का दौरा भी किया जिसे उसकी पारंपरिक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है

रघुराजपुर, भुवनेश्वर। सोमवार को भुवनेश्वर पहुंचे पीआईबी देहरादून की तरफ से 15 सदस्यीय पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने उड़ीसा में केंद्र सरकार की चल रही योजनाओं और राज्य के विकास मॉडल को समझने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। जिसमें उड़ीसा में रेल कॉरिडोर योजना, सेमीकंडक्टर योजना: टेक्नोलॉजी समेत
सुभद्रा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की गई।

इस दौरान 15 सदस्यीय पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने पीआईबी उड़ीसा के एडीजी  अखिल कुमार मिश्रा से भेंट की।  मिश्रा ने उत्तराखंड के सभी पत्रकारों का पारंपरिक सम्मान स्वरूप “पट्टा” पहनाकर स्वागत किया।

पांच दिवसीय मीडिया टूर के तहत पत्रकारों के पहले दिन का कार्यक्रम ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के अवलोकन के साथ शुरू हुआ। इस दौरान दल ने विश्व प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर का भ्रमण किया।

यहां प्रतिनिधिमंडल ने कोणार्क सूर्य मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थापत्य कला, यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में इसकी पहचान और ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बारे में विस्तृत जानकारी ली। मंदिर की भव्य शिल्पकला और पत्थरों पर उकेरी गई कलात्मक संरचनाओं ने सभी को आकर्षित किया।

इसके बाद पत्रकारों ने कोणार्क संग्रहालय का भी दौरा किया, जहां मंदिर से जुड़े प्राचीन अवशेष, मूर्तियां और ऐतिहासिक दस्तावेज प्रदर्शित किए गए हैं। संग्रहालय के माध्यम से पत्रकारों को कोणार्क मंदिर के निर्माण, उसके इतिहास और संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

मीडिया प्रतिनिधियों ने विश्वप्रसिद्ध हस्तशिल्प एवं सांस्कृतिक धरोहर गांव रघुराजपुर हेरिटेज विलेज का दौरा भी किया जिसे उसकी पारंपरिक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। इस दौरान पत्रकारों ने गांव की पारंपरिक जीवनशैली, लोककला और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियों को करीब से देखा। रघुराजपुर में लगभग 160 परिवार निवास करते हैं और अधिकांश परिवार पीढ़ियों से पारंपरिक कला जैसे पत्ताचित्र पेंटिंग, ताड़पत्र चित्रकला, लकड़ी एवं कपड़े पर कलात्मक कार्य तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जुड़े हुए हैं। स्

थानीय कलाकारों ने पत्ताचित्र कला की प्रक्रिया, उसके इतिहास और इसके संरक्षण के प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कलाकारों ने बताया कि यह गांव पूरी तरह कला आधारित है और यहां लगभग हर घर में किसी न किसी रूप में पारंपरिक हस्तशिल्प का कार्य किया जाता है।

प्रेस टूर के दौरान पत्रकारों ने रघुराजपुर की सांस्कृतिक विरासत, कला परंपरा और यहां के कलाकारों के जीवन से जुड़ी जानकारी को भी संकलित किया। मीडिया प्रतिनिधियों ने कहा कि यह गांव भारत की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण उदाहरण है और यहां की कला परंपरा को देश-विदेश में और अधिक पहचान मिलनी चाहिए।

पीआईबी उड़ीसा के एडीजी श्री अखिल कुमार मिश्रा ने कहा उड़ीसा में रेल कॉरिडोर योजना राज्य के खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों को बंदरगाहों से जोड़ने की एक बड़ी पहल है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने लगभग ₹28,000 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। इससे कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिजों का परिवहन तेज और सस्ता होगा। नई रेल लाइनों से पारादीप व धामरा जैसे पोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यह परियोजना उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। सामान्य रेलवे ट्रैफिक पर दबाव कम होगा और लॉजिस्टिक्स बेहतर होंगे। इसे उड़ीसा के आर्थिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक और गेम-चेंजर कदम माना जा रहा है।

उन्होंने बताया उड़ीसा में सेमीकंडक्टर योजना लागू हो चुकी है और कई प्रोजेक्ट शुरू हो गए हैं। भुवनेश्वर में चिप निर्माण और पैकेजिंग यूनिट स्थापित की जा रही हैं। करीब ₹4000–₹4600 करोड़ से अधिक का निवेश हो रहा है, जिससे हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह परियोजना इलेक्ट्रॉनिक्स, EV और डिफेंस सेक्टर को मजबूती देगी और भारत की विदेशी चिप निर्भरता को कम करेगी। उड़ीसा एक बड़े टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभर रहा है।

श्री मिश्रा ने बताया कि उड़ीसा में सुभद्रा वूमेन वेलफेयर योजना प्रभावी रूप से संचालित हो रही है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर परिवार और समाज में अपनी मजबूत भूमिका निभा रही हैं। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सफल पहल बनकर उभर रही है।

इस अवसर पर पीआईबी उड़ीसा के अधिकारी श्री महेंद्र जीना भी मौजूद रहे और उन्होंने पत्रकारों के साथ संवाद कर विभिन्न योजनाओं की जमीनी जानकारी साझा की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पीआईबी देहरादून के असिस्टेंट डायरेक्टर श्री संजीव सुंद्रियाल ने किया। मीडिया टूर के आगामी दिनों में पत्रकारों का दल भुवनेश्वर और आसपास के प्रमुख संस्थानों एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेगा।

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