साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहली बार 2014 में रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग नियमावली बनाई गई थी। इसके बाद 2015 से 2020 तक नियमावली में चार बार संशोधन किए। पर्यटन विभाग ने प्रदेश में साहसिक पर्यटन के प्रति पर्यटकों के बढ़ रहे रुझान व स्थानीय लोगों को रोजगार व पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नियमावली में संशोधन का खाका तैयार किया है। विभाग ने रिवर राफ्टिंग गाइड लाइसेंस के लिए आयु सीमा को 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया है।
विभाग का मानना है कि 50 से 60 वर्ष के कई ऐसे लोग हैं जो शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के साथ राफ्टिंग जानते हैं। लाइसेंस मिलने से ऐसे लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा सभी गाइडों को सीपीआर कोर्स का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा। नियमावली में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कई संशोधन किए जा रहे हैं। पर्यटकों की राफ्ट के पीछे एक खाली राफ्ट भी साथ चलेगी जिससे राफ्ट पलटने या राफ्ट से पर्यटक के नदी में गिरने पर तत्काल बचाव किया जा सके।
टौंस नदी में राफ्टिंग की तैयारी
साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग टौंस नदी में राफ्टिंग की तैयारी कर रहा है। इसी साल टौंस वैली में साहसिक पर्यटन पर कार्यक्रम किया जाएगा। विभाग का मानना है कि राफ्टिंग के लिए टौंस नदी भी सबसे बेहतर है।
विभाग की ओर से रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग नियमावली का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस नियमावली में पर्यटकों की सुरक्षा के साथ रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई संशोधन किए जा रहे हैं। आगामी कैबिनेट में प्रस्ताव को मंजूरी के लिए लाया जाएगा।