‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बना जनविश्वास का आधार-सीएम

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बना जनविश्वास का आधार-सीएम
Share This News:

The post ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बना जनविश्वास का आधार-सीएम appeared first on Avikal Uttarakhand.

630 कैंपों में 4.92 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी

32 हजार से ज्यादा शिकायतों का निस्तारण

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
यह अभियान सरकार को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रहा है।

प्रदेश के सभी 13 जनपदों में अब तक 630 कैंप आयोजित किए जा चुके हैं। इन कैंपों में 4,92,395 नागरिकों ने प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं और सुझाव दर्ज कराए। केवल आज आयोजित 8 कैंपों में ही 8,372 नागरिकों की भागीदारी दर्ज की गई, जो अभियान के प्रति बढ़ते जनविश्वास को दर्शाती है।

अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 48,093 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 32,282 शिकायतों का मौके पर अथवा त्वरित कार्रवाई के माध्यम से निस्तारण किया जा चुका है। यह प्रशासनिक तंत्र की सक्रियता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।

विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए 68,983 आवेदन प्राप्त हुए हैं। साथ ही, विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत अब तक 2,74,069 नागरिकों को लाभान्वित किया गया है। केवल आज ही 5,014 लोगों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

यह अभियान विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है, जहां अब लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक पात्र नागरिक को योजनाओं का लाभ मिले।
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान सरकार और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

The post ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बना जनविश्वास का आधार-सीएम appeared first on Avikal Uttarakhand.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *