The post सैणराथी: 14 घराट चलने वाले गधेरे में पानी का बूंद नहीं appeared first on Avikal Uttarakhand.
वन विभाग की संगोष्ठी में बुजुर्गों का झलका दर्द
युवा पंचायत प्रतिनिधियों ने लिया वनो को आग से बचाने का संकल्प
जंगल को परिवार का सदस्य मानने की अपील
अविकल उत्तराखंड
नाचनी। पिथौरागढ़ वन प्रभाग द्वारा सैणराथी में शुक्रवार को आयोजित संगोष्ठी में बुजुर्गों ने कहा कि तीन दशक पहले जिस गधेरे में 14 घराट 12 महिनों चलते थे, आज वहां बरसात को छोड़कर पानी का एक भी बूंद नहीं दिखता।
इस दर्द को बयां करते हुए कहते हैं कि आज वनों के प्रति लोगों में पुराना जैसा प्रेम नहीं रहा। उन्होंने कहा कि जंगलों को आग से बचने के साथ-साथ हमें जंगल को भी अपने परिवार का हिस्सा मानना होगा, तभी मानव का जीवन भी बचा रहेगा।
प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह के दिशा निर्देश में सोसायटी फॉर एक्सन इन हिमालया पिथौरागढ़ के सहयोग से वन पंचायत सैणराथी, मगर के साथ-साथ राजकीय इंटर कॉलेज सैणराथी में कैंपा योजना के तहत वनाअग्नि रोकथाम विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

सैणराथी में 75 वर्षीय चन्द्र सिंह ने कहा कि जंगलों से पहले हम बहुत प्यार करते थे। कहा कि नयी पीढ़ी तो जंगलों को नुकसान तो पहुंचाती है, लेकिन संरक्षण के लिए आगे नहीं आती। पूर्व सैनिक 80 वर्षीय त्रिलोक सिंह मेहता ने कहा कि तीन दशक पहले जिस गधेरे में 14 घराट चलते थे, उसमें आज पानी का एक बूंद भी नहीं है। कहा कि जंगल को आग से बचाने के लिए हम भी तैयार है। किमखेत के ग्राम प्रधान प्रदीप सिंह मेहता की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रह्लाद राम ने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने हमें जो जंगल सौपा है, उसे आग से बचाने के साथ हम उसके संरक्षण के लिए हमेशा यूथ तैयार रहेंगे।
सरपंच हरीश मेहता ने कहा कि वन पंचायत की टीम जंगल को आग से सुरक्षित रखने के लिए इस अभियान को घर घर तक पहुंचाने का कार्य भी करेगी।
संस्था के अध्यक्ष जगत सिंह मर्तोलिया ने कहा कि जंगलों को आग से बचाने के लिए आमंत्रण नागरिको में चेतना जागृत करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
राजकीय इंटर कॉलेज सैणराथी के विद्यार्थियों के साथ भी आग से होने वाले नुकसान के विषय पर बातचीत की गई। विद्यार्थियों का आवाह्न किया गया है कि वह घर-घर में जंगलों को आग से बचाने के लिए अपने परिवारजनों से लगातार बातचीत करे।
इससे पूर्व वन पंचायत मगर में सरपंच मनु सिंह राणा की अध्यक्षता में वनो को आग से बचाने के लिए गोष्ठी हुई। इन अवसरों पर बेडूमहर के ग्राम प्रधान त्रिभुवन सिंह मेहता, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रेमा देवी, प्रेम सिंह, नारायण सिंह मेहरा आदि उपस्थित रहे।
The post सैणराथी: 14 घराट चलने वाले गधेरे में पानी का बूंद नहीं appeared first on Avikal Uttarakhand.
