दून की टौंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड ध्वस्त

दून की टौंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड ध्वस्त
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भारी बारिश से धंसी पुल की एप्रोच रोड, आवागमन बाधित

जगह जगह भू स्खलन से चारधाम यात्रा स्थगित

युद्धस्तर पर जारी मरम्मत कार्य, जल्द खुलेगा मार्ग

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अविकल उत्तराखंड

देहरादून। मंगलवार की सुबह हुई भारी बरसात से विकासनगर व हिमाचल को जोड़ने वाले टौंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड ध्वस्त होने से आवागमन बाधित हो गया। 16 करोड़ की लागत से दोबारा बने इस पुल पर 12 जुलाई को आवागमन शुरू हुआ था। 2025 की बरसात में यह पुल टूट गया था।।

उधर, आयुक्त ने प्रदेश के कई स्थानों पर भूस्खलन से अवरूद्ध होने की वजह से चारधाम यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
टौंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड ध्वस्त होने के बाद डीएम आशीष चौहानं ने कहा कि लोनिवि के अधिकारी जॉच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। और लापरवाह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
टूट चुकी एप्रोच रोड के मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। डीएम का कहना है कि जल्द ही आवागमन शुरू हो जाएगा।

जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि
प्रेमनगर क्षेत्र अंतर्गत ‘नंदा की चौकी’ के समीप पुलिया क्षतिग्रस्त होने या टूटने की चल रही खबरें पूरी तरह निराधार और अफवाह साबित हुई हैं।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची प्रेमनगर पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने गहनता से निरीक्षण किया और पुष्टि की कि पुलिया का मूल ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने तकनीकी इंजीनियरों की टीम के साथ स्वयं इसका निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने तीन घंटे में सड़क को सुचारू करने के निर्देश दिए है।

मूसलाधार बारिश से कटी सड़क के नीचे की मिट्टी

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण पुलिया से जुड़ी एप्रोच रोड (संपर्क मार्ग) के नीचे की मिट्टी बह गई। इसके परिणामस्वरूप सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे सुरक्षा के दृष्टिकोण से यातायात प्रभावित हुआ है। सड़क के इस हिस्से को देखकर स्थानीय स्तर पर पुलिया ढहने की भ्रामक खबर फैल गई थी, जिसे पुलिस ने जांच के बाद पूरी तरह खारिज कर दिया।

युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी, जल्द बहाल होगा आवागमन

घटनास्थल पर संबंधित कार्यदायी संस्था के तकनीकी कर्मी एवं पुलिस-प्रशासनिक अमला मुस्तैद है। क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों को पूरा करते हुए अतिशीघ्र मार्ग को ठीक कर दिया जाएगा, जिसके बाद इसे आमजन और वाहनों के आवागमन के लिए पुनः खोल दिया जाएगा।

पुलिस व प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी भ्रामक या असत्यापित खबर पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने प्रातः काल को नंदा की चौकी पुल के क्षतिग्रस्त एप्रोच वाल का निरीक्षण किया और एप्रोच वाल को बनाने के निर्देश दिए ।

जिलाधिकारी में शहर से निरीक्षण करते हुए सौड़ा सरोली पहुंचे जहां पीएमजीएसवाई की वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़क को तत्काल खोलने के निर्देश दिए गए हैं । मलबा आने से बंद थानो मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है।

जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने स्थानीय विधायक रायपुर उमेश शर्मा काऊ संग मालदेवता एवं सोडा सरौली द्वारा रोड का निरीक्षण किया।
डीएम ने सहस्त्रधारा में बल्दी नदी किनारे सड़क की क्षतिग्रस्त सुरक्षा वाल का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश।

चारधाम यात्रा स्थगित

आयुक्त गढ़वाल मंडल द्वारा अवगत कराया गया है कि चारधाम यात्रा मार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन से अवरूद्ध होने तथा भारी वर्षा का अलर्ट के कारण यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत आज और कल के लिए चारधाम यात्रा स्थगित की गई है। मौसम अनुकूल होने पर यात्रा पुनः प्रारंभ की जाएगी।

एप्रोच रोड की मरम्मत शुरू, पुल पूरी तरह सुरक्षित

प्रेमनगर क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण पुल की एप्रोच रोड (पुल तक पहुंचने वाली सड़क) का एक हिस्सा धंस गया है। संबंधित विभाग के अनुसार पुल पूरी तरह सुरक्षित है तथा उसकी संरचना को कोई क्षति नहीं पहुंची है। मौके पर निरीक्षण के बाद एप्रोच रोड की मरम्मत एवं यातायात बहाली का कार्य शुरू कर दिया गया है।

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में अतिवृष्टि, बादल फटना और अचानक आने वाली बाढ़ के कारण पुलों एवं सड़कों को समय-समय पर नुकसान पहुंचता रहा है। वर्ष 2008 में हल्द्वानी की गौला नदी पर बने आरसीसी बाईपास पुल का हिस्सा भीषण बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था। वर्ष 2012 में उत्तरकाशी की अस्सी गंगा घाटी में बादल फटने के बाद कई मोटर एवं पैदल पुल बह गए थे, जबकि चौरास (पौड़ी गढ़वाल) में निर्माणाधीन पुल ढहने से छह श्रमिकों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में रामबाड़ा पुल सहित अनेक पुल बह गए थे तथा राज्यभर में लगभग 147 पुल और 1,300 से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं।

ऐसी परिस्थितियों में किसी भी घटना के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी देना आवश्यक है। प्रेमनगर की वर्तमान घटना में पुल सुरक्षित है और केवल एप्रोच रोड का हिस्सा धंसा है।

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