यूकॉस्ट ने लेखक गांव में स्थापित की STEM प्रयोगशाला

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विज्ञान के प्रति छात्रों की रुचि को मिलेगा बढ़ावा

अविकल उत्तराखण्ड

देहरादून। भारत के पहले “लेखक गाँव” में आज विज्ञान और सृजन का एक नया अध्याय जुड़ गया, जब उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के संयुक्त तत्वावधान में “S.T.E.M – जिज्ञासा कक्ष एवं प्रयोगशाला” का विधिवत उद्घाटन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई।

अटल प्रेक्षागृह में आयोजित मुख्य समारोह में उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर “लेखक गाँव” एवं “विज्ञान धाम” पर आधारित प्रेरणादायक वृत्तचित्रों का प्रदर्शन भी किया गया, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को इन अभिनव पहलों की विकास यात्रा और उद्देश्य से परिचित कराया।
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा लेखक गाँव में जिज्ञासा कक्ष का लोकार्पण किया गया।

लेखक गाँव की निदेशक विदुषी ‘निशंक’ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि जिज्ञासा विज्ञान को जन्म देती है और नवाचार की दिशा में अग्रसर करती है। उन्होंने कहा कि “लेखक गाँव” में जिज्ञासा केवल प्रश्न नहीं, बल्कि सृजन का आधार बनेगी ।

मुख्य अतिथि, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि “लेखक गाँव” एक जीवंत प्रयोगशाला के रूप में विकसित हो रहा है, जहाँ प्रकृति और संस्कृति के सान्निध्य में ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान के नए आयाम सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने “जिज्ञासा कक्ष” को बच्चों के रचनात्मक और वैज्ञानिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री एवं लेखक गाँव के संस्थापक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि UCOST की दूरदर्शिता इस पहल में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है, जो उत्तराखंड के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला सिद्ध होगी।

उन्होंने कहा कि S.T.E.M केवल विषयों का समूह नहीं, बल्कि सोचने, समझने और सृजन की एक समग्र प्रक्रिया है। “आज लेखक गाँव में साहित्य के साथ विज्ञान की एक नई धारा भी प्रवाहित हो रही है, जो ज्ञान के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।” उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए जिज्ञासा, चिंतन और नवाचार को भारत की वास्तविक शक्ति बताया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में UCOST के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जिज्ञासा को सफलता का मूल मंत्र बताया और उन्हें निरंतर प्रश्न पूछने और उनके समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यूकॉस्ट और “लेखक गाँव” मिलकर नवाचार को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इस अवसर पर यूकॉस्ट के वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश नौटियाल ने जानकारी दी कि छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु प्रदेश में 200 से अधिक STEM प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। इसी क्रम में “लेखक गाँव” में इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया कि hands-on training के माध्यम से विज्ञान को सरल, रोचक और व्यावहारिक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही “Lab on Wheel” पहल के माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जनपदों के दूरस्थ विद्यालयों तक विज्ञान की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है।

कार्यक्रम का संयोजन सनराइज एकेडमी की प्रबंध निदेशक पूजा पोखरियाल एवं प्रतिभा खत्री द्वारा किया गया।

इस अवसर पर पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. सविता मोहन, डॉ. रीमा पंत, डॉ अनुज, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. राकेश सुंदरियाल, सचिव बालकृष्ण चमोली, संयुक्त निदेशक डॉ. प्रदीप कोठियाल, यूकॉस्ट के जनसंपर्क अधिकारी अमित पोखरियाल, अनिल शर्मा, थानो के ग्राम प्रधान चंद्र प्रकाश तिवारी सहित अनेक शिक्षाविद, गणमान्य अतिथि, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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