काशीपुर। राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कई छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया गया। आक्रोशित छात्र-छात्राओं की प्राचार्य और परीक्षा प्रभारी से तीखी बहस भी हुई। एक छात्र ने प्राचार्य के सामने ही अपना प्रवेश पत्र फाड़ दिया। काफी देर तक कहासुनी के बाद भी छात्र-छात्राएं परीक्षा नहीं दे सके।
मंगलवार को राधेहरि पीजी कॉलेज में अंग्रेजी साहित्य समेत अन्य विषयों की दो पालियों में सेमेस्टर और बैक परीक्षा हुई। कुछ छात्र-छात्राओं ने एक प्राध्यापक पर परीक्षा देने से रोकने का आरोप लगाया है जबकि उनके पास प्रवेश पत्र था। छात्र-छात्राओं का कहना था कि पुराना पोर्टल लॉक हो चुका है। इसके चलते छात्र-छात्राएं प्रवेश पत्र डाउनलोड नहीं कर पाए। आरोप लगाया कि बैक पेपर देने आए विद्यार्थियों के लिए सीटिंग प्लान भी नहीं लगाया गया था। सुबह आठ बजे से छात्र परीक्षा देने के लिए पहुंच गए थे लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। कुछ छात्र परीक्षा कक्ष में गए, लेकिन उन्हें वहां से अन्य कमरे में भेजकर अनुमति लाने के लिए कहा गया। इससे उनका पूरा समय खराब हो गया और वह परीक्षा से वंचित रह गए। सूचना पर छात्रसंघ अध्यक्ष जतिन शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी प्राचार्य समेत अन्य शिक्षकों से वार्ता की लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया। छात्रसंघ अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि सुबह 9 बजे से 12 बजे और 1 बजे से 4 बजे तक परीक्षा हुई है। आरोप है कि आवश्यक दस्तावेज होने के बाद भी छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया गया है।
कोट
आधा घंटा देरी से आने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति है। साथ ही प्रवेश पत्र भी लाना अनिवार्य है। प्रथम पाली में कुछ छात्र-छात्राएं देरी या प्रवेश पत्र के बिना आए होंगे इसलिए उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया।
आधा घंटा देरी से आने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति है। साथ ही प्रवेश पत्र भी लाना अनिवार्य है। प्रथम पाली में कुछ छात्र-छात्राएं देरी या प्रवेश पत्र के बिना आए होंगे इसलिए उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया।
