उत्तराखंड की आयुध फैक्ट्रियों में सेना के लिए अत्याधुनिक नाइट विजन कैमरे तैयार किए जा रहे हैं, जो अंधेरे में भी सटीक निशाना साधने में मदद करेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाले ये कैमरे भारतीय सेना के लिए आईओएल तैयार कर रही है।
उत्तराखंड की आयुध फैक्ट्रियों में सैन्य हथियारों के लिए ऐसे विशेष कैमरे तैयार किए जा रहे हैं जो भारतीय सेना के लिए तीसरी आंख साबित हो रहे हैं। दिन, रात या दोनों परिस्थितियों में दृश्यता के लिए अनुकूल ये कैमरे सेना के लिए वैश्विक बाजार से कम कीमतों पर उपलब्ध हैं।
रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार, 2001 में रूस की सहायता से भारत लाए गए टी-90 टैंकों के भारतीयकरण में आईओएल ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संस्थान ने टी-90 टैंकों को न केवल फायर कंट्रोल सिस्टम दिया, बल्कि इसे टीकेएन-4एस विजन दिया। नवीनतम तकनीक में इसे सीटीआई-90 तकनीकी दी जा चुकी है।
