Uttarakhand Election 2027: भाजपा-कांग्रेस में टिकट की जंग तेज, पुराने चेहरों पर भरोसा या नए उम्मीदवारों पर दांव !

Uttarakhand Election 2027: भाजपा-कांग्रेस में टिकट की जंग तेज, पुराने चेहरों पर भरोसा या नए उम्मीदवारों पर दांव !
Share This News:

डोईवाला विधानसभा सीट सियासी हलचल बढ़ गई है। भाजपा-कांग्रेस में टिकट पाने की दौड़ में कई चेहरे शामिल हैं।

भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली डोईवाला विधानसभा में बृजभूषण गैरोला विधायक हैं लेकिन यहां की विरासत संभालने के लिए भाजपा के कई दावेदार मैदान में जोर आजमाइश करने लगे हैं। संगठन अपने वर्तमान विधायक पर ही भरोसा करेगा या किसी नए चेहरे पर दांव खेलेगा, यह अभी भविष्य के गर्भ में है लेकिन टिकट की दौड़ दिलचस्प होने वाली है।

इस सीट पर संबंधित दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। भाजपा में वैसे तो तमाम दावेदार सामने हैं लेकिन कई ऐसे चेहरे हैं, जो अपनी दावेदारी पूरे दमखम के साथ पेश कर रहे हैं। इनमें वर्तमान विधायक गैरोला के अलावा भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रूचि भट्ट, कर्नल अजय कोठियाल, जिलाध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल की सक्रियता से उनकी दावेदारी झलक रही है। कई और नेता यहां किसी न किसी रूप में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
पांच चुनाव जीती भाजपा, केवल उपचुनाव में कांग्रेस
डोईवाला विधानसभा वैसे तो भाजपा का गढ़ रही है। यहां पांचों विधानसभा चुनावों में भाजपा को ही जीत मिली। केवल 2014 के उपचुनाव में यह सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। 2002 में यहां भाजपा के त्रिवेंद्र रावत ने कांग्रेस के विरेंद्र मोहन उनियाल को 1536 मतों के अंतर से हराया था। 2007 के चुनाव में भाजपा के त्रिवेंद्र रावत ने कांग्रेस के विरेंद्र मोहन उनियाल को 14,127 मतों के अंतर से हराया। 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट को 1272 मतों से हराया। इसके बाद निशंक के लोकसभा चले जाने से यह सीट खाली हो गई।
2014 में उपचुनाव हुआ तो भाजपा से त्रिवेंद्र और कांग्रेस से फिर हीरा सिंह बिष्ट मैदान में थे। कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट ने त्रिवेंद्र को उपचुनाव में 6,512 मतों के अंतर से हरा दिया। यह कांग्रेस की एकमात्र जीत थी। इसके बाद 2017 में फिर त्रिवेंद्र ने कांग्रेस के हीरा सिंह को 24,869 मतों से हराया। 2022 में भाजपा के बृजभूषण गैरोला ने कांग्रेस के गौरव गिन्नी को 29,021 मतों से हराया।
सियासी हलचल बढ़ी
डोईवाला विधानसभा सीट पर कांग्रेस में दावेदारों की सक्रियता से सियासी हलचल बढ़ रही है। राज्य गठन के बाद इस सीट का सियासी इतिहास देखा जाए तो कांग्रेस उपचुनाव में ही खाता खोल पाई है। आम चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। डोईवाला विधानसभा हॉट सीट मानी जाती है। भले ही कांग्रेस को आम चुनाव में जीत नहीं मिली हो लेकिन दावेदारों ने टिकट पाने के लिए कसरत शुरू कर दी है।
इस सीट से कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, वर्तमान ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी व अश्विनी बहुगुणा व मनोज नौटियाल 2027 के विधानसभा चुनाव में दावेदारी के लिए काफी सक्रिय हैं। ये सभी नेता अपने-अपने स्तर पर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। वर्ष 2022 में गौरव चौधरी कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे।

2017 में कांग्रेस ने हीरा सिंह बिष्ट को उतारा लेकिन जीत नहीं पाए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक डोईवाला से भाजपा को टक्कर देने के लिए कई बड़े नेताओं को उतारा जा सकता है। वर्तमान में डॉ. हरक सिंह रावत ही ऐसे नेता हैं, जिनका चुनाव लड़ने के लिए फिलहाल सीट तय नहीं है। हरक सिंह संकेत दे चुके हैं पार्टी जिस सीट से चुनाव लड़ने को कहेगी, वहां से चुनाव लड़ेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *