उत्तरकाशी में फंसे पर्वतारोहियों के लिए हवाई रेस्क्यू शुरू, तीन हेलिकॉप्टरों ने संभाला मोर्चा; पांच निकाले गए !

उत्तरकाशी में फंसे पर्वतारोहियों के लिए हवाई रेस्क्यू शुरू, तीन हेलिकॉप्टरों ने संभाला मोर्चा; पांच निकाले गए !
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खराब मौसम के चलते उत्तरकाशी में अलग-अलग स्थानों पर फंसे पर्वतारोहियों की सुरक्षित वापसी के लिए रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। कैंप समेत अन्य जगहों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेली की मदद ली जा ही है।

मौसम खराब होने के कारण उत्तरकाशी जिले में विभिन्न स्थानों पर फंसे 136 पर्वतारोही को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान तेजी से जारी है। तीन हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। सुबह छह बजे से अभियान शुरू कर दिया गया था। पांच पर्वतारोही सुरक्षित निकाल लिए गए हैं।  वहीं बागेश्वर जिले में 43 पर्वतारोहियोें को सुरक्षित स्थान पर रोका गया है।

रविवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर विभिन्न स्थानों पर फंसे पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए संचालित किए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया जाए। बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तरकाशी जिले में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 पर्वतारोही फंसे हैं। जबकि बागेश्वर जिले में तीन दलों के 43 पर्वतारोहियों को सुरक्षित स्थान पर रोका गया है।

सभी ट्रेकर्स की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित जिलों में रेस्क्यू प्लान तैयार किया गया। उधर, डीएम उत्तरकाशी प्रशांत आर्य ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं, सैटेलाइट के माध्यम से लगातार संपर्क जारी है। जबकि, उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि कालिंदी ट्रैक पास सहित उडन कॉल पास, माउंट सुदर्शन, भागीरथी टू, जोगिन वन, शिवलिंगा वन और टू सतोपंथ, श्रीकंठ चोटियों के आरोहण के लिए निकले करीब 136 पर्वतारोही अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। ये अलग-अलग दलों में सितंबर में ही रवाना हुए थे।

मुख्य सचिव ने रेस्क्यू के बाद सभी पर्वतारोहियों की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एम्स ऋषिकेश तथा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने को कहा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ पर्वतारोहियों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

यूकाडा के माध्यम से हेलिकॉप्टरों की उपलब्धता

मुख्य सचिव बर्द्धन ने निर्देश दिए कि सोमवार की सुबह छह बजे से आठ हेलिकाप्टरों के माध्यम से रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने यूकाडा के माध्यम से पर्याप्त संख्या में हेलिकॉप्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौसम विभाग से लगातार समन्वय स्थापित कर रेस्क्यू की कार्ययोजना में आवश्यकतानुसार बदलाव कर सकते हैं। सेटेलाइट फोन की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

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