मानसिक स्वास्थ्य पर मंथन, तनाव से निपटने के उपायों पर जोर

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विशेषज्ञों ने योग, डिजिटल डिटॉक्स और संतुलित जीवनशैली को बताया जरूरी

अविकल उत्तराखंड

टिहरी। तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ते मानसिक दबाव के बीच तनाव प्रबंधन आज एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसी विषय को केंद्र में रखते हुए राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में “तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन” विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

इसमें देशभर के विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर गहन मंथन किया। संगोष्ठी का समापन 24 अप्रैल को होगा।

संगोष्ठी का आयोजन आचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में तथा डॉ. संगीता बिज्लवाण जोशी के संयोजन में किया गया। उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. एन. सी. त्रिवेदी ने किया।

कार्यक्रम में प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक प्रोफेसर ओम प्रकाश पांडे तथा ऑनलाइन माध्यम से महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के पूर्व कुलपति प्रोफेसर गिरिश्वर मिश्रा ने अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर मनोचिकित्सक डॉ. नीरज कर्दम (जिला अस्पताल टिहरी), डॉ. पंकज कुमार (NIEPVD, देहरादून), डॉ. अटल बिहारी त्रिपाठी (श्री देव सुमन विश्वविद्यालय, ऋषिकेश परिसर), डॉ. विजय कुमार राय (प्राचार्य, मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन, पंजाब) तथा डॉ. अमित कुमार जायसवाल (श्री देव सुमन विश्वविद्यालय, गोपेश्वर परिसर) ने भी अपने संबोधन में तनाव के कारणों और समाधान पर प्रकाश डाला।

वक्ताओं ने कहा कि मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए योग, नियमित व्यायाम, सकारात्मक साहित्य का अध्ययन और संगीत अत्यंत प्रभावी उपाय हैं। साथ ही डिजिटल युग में अत्यधिक स्क्रीन टाइम से बचते हुए “डिजिटल डिटॉक्स” अपनाने की भी आवश्यकता बताई गई। उन्होंने जोर दिया कि संतुलित जीवनशैली अपनाकर व्यक्ति न केवल पेशेवर जीवन बल्कि पारिवारिक संबंधों में भी सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

संगोष्ठी में देशभर के शिक्षाविद, शोधार्थी और विशेषज्ञों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता कर विषय पर सार्थक चर्चा की। प्रथम दिवस का समापन प्रोफेसर निरंजना शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

तकनीकी सत्र में विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की डॉ. कल्पना ठाकुर ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के संदर्भ में डिजिटल डिटॉक्स की आवश्यकता पर बल दिया। कैप्टन विलियमसन संगमा स्टेट यूनिवर्सिटी, मेघालय की सुश्री गेमर सीमा ने पारिवारिक परिवेश और बाल मानसिक स्वास्थ्य के संबंधों का विश्लेषण प्रस्तुत किया।

इसके अलावा, केआर गर्ल्स पीजी कॉलेज की कोमल वार्ष्णेय ने करियर निर्णयों में पारिवारिक भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, पंजाब की सुश्री अल्विना ने शिक्षा को तनाव प्रबंधन का प्रभावी माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों और समाज में मानसिक सुदृढ़ता बढ़ाने पर जोर दिया।

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