एकीकरण के विरुद्ध जीएमवीएन कर्मचारी संघ मुखर

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कहा, पहले नियमितीकरण हो, फिर एकीकरण

अविकल उत्तराखंड

ऋषिकेश। गढ़वाल मण्डल विकास निगम (जीएमवीएन) कर्मचारी संघ ने निगम एकीकरण के विरोध में मोर्चा खोल दिया।
निगम कार्मिकों ने एकीकरण से पहले नियमितीकरण की मांग पर जोर देते हुए प्रबंधन को चेताया कि बिना कार्मिकों की मांगों पर न्यायपूर्ण निर्णय लिये एकीकरण करने नहीं दिया जाएगा। जीएमवीएन कर्मचारी संघ ने मंगलवार को निगम प्रबंधन की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा गेट मीटिंग में भारी विरोध कर जमकर इन्कलाब जिंदाबाद सहित नियमितीकरण नहीं तो एकीकरण नहीं के नारे लगाए।
यहां यात्रा कार्यालय के मुख्य गेट पर पूर्वाह्न निगम की विभिन्न इकाइयों से आये अधिकारी/कर्मचारियी ने प्रबंधन के एकीकरण के प्रस्ताव को सिरे से नकारते हुई भारी आक्रोश व्यक्त किया।

इस अवसर पर निगम संगठन के पूर्व उपाध्यक्ष किशन पँवार ने कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुई कहा कि सरकार की नीयत कर्मचारी विरोधी है। आज निगम में कर्मचारियों/ अधिकारियों का निरन्तर अभाव हो रहा है और अनुभव की कमी निगम की आर्थिक स्तिथि पर व्यापक प्रभाव डाल रही है। सरकार इस ओर ध्यान न देकर कर्मचारियों का शोषण कर एकीकरण करने पर आमादा है जबकि पहले इस दशा में निगमों के लाभ – हानि सहित तमाम देनदारियों को सार्वजनिक कर आर्थिक सुधार किए जाने चाहिए।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनमोहन सिंह चौधरी ने कहा कि जब तक विनिमितीकरण नहीं किया जाता तब तक एकीकरण किसी भी दशा में नहीं होने दिया जाएगा। आज यात्रा कार्यालय से इसके विरोध की शुरुआत हो गयी है, जल्द ही निगम मुख्यालय में विरोध स्वरूप बैठक आयोजित कर प्रदर्शन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि निगम की तीनों यूनियन प्रबंधकीय एसोसिएशन, कर्मचारी संघ और कर्मचारी संगठन मिलकर पुरजोर विरोध जारी रखेगा और इसके लिए पर्यटन मंत्री, मुख्यमंत्री सहित तमाम मंत्री गणों के समक्ष अपना पक्ष रख कर प्रबंधन की नीतियों का विरोध जारी रखेगा।

चौधरी का स्पष्ट मत है कि जब तक सरकार विनिमितीकरण का लाभ कर्मचारियों को प्रदान नहीं करती है, तब तक एकीकरण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स से कार्यरत कर्मचारियों को रखे जाने के खिलाफ हम नहीं हैं, उन्हें जीवन निर्वाह लायक वेतन प्राप्त होना चाहिए लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है। पूर्व की भांति निगम मस्टरोल आधार पर अपने मुताबिक कर्मचारियों को तैनात करने का प्रावधान होना जरूरी है। कर्मचारियों की मांग वर्षों से लंबित है, उन्हें सरकार और निगम प्रबन्ध तुरन्त पूर्ण करें।

संघ के महासचिव बृजमोहन जुयाल ने कहा कि सरकार की मंशा कर्मचारियों का हित होना चाहिए जबकि सरकार निगमों में कर्मचारियों का निरन्तर अभाव होने के बावजूद जबरन एकीकरण का निर्णय थोप कर पल्ला झाड़ना चाह रही है।

आज की गेट मीटिंग में यात्रा कार्यालय के रमेश बिष्ट, अनूप बिष्ट, सुरेश पँवार, संदीप मेवाड़, मेघा रावत, विमला तोपवाल, प्रीति डिमरी, राजपाल कण्डारी, किशोरीलाल थपलियाल, हयात सिंह, शम्भू चौहान, शूरवीर नेगी, इंदमोहन नेगी, धर्म सिंह सजवाण, वीरेंद्र गुंसाई, आशुतोष रावत, अंकित, भरत भूमि से मनोज बिजल्वाण, रणवीर रावत, पूरन सिंह, रामकिशोर ऋषिलोक पर्यटक आवास गृह से राजेन्द्र सिंह, भाव सिंह, जयेंद्र सजवाण, राजेन्द्र रावत जबकि गङ्गा रिजॉर्ट से भगवान सिंह राणा, कैलाश सहित बड़ी संख्या में अधिकारी/ कर्मचारी मौजूद रहे।

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