यूकॉस्ट में राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

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“जल गुणवत्ता विश्लेषण प्रशिक्षण एवं कौशल विकास में इसके उपयोग” पर मंथन

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), डीएनए-कृष लैब देहरादून एवं रासबिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय देहरादून के संयुक्त तत्वाधान में आज दिनांक 25 जून 2026 को यूकॉस्ट सभागार में “जल गुणवत्ता विश्लेषण प्रशिक्षण एवं कौशल विकास में इसके उपयोग” विषयक एकदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए यूकोस्ट के महानिदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत ने अपने संबोधन में जल संरक्षण विषय को वर्तमान एवं भविष्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण बताया एवं कहा कि जल गुणवत्ता प्रशिक्षण से विद्यार्थियों के कौशल विकास में वृद्धि होगी और उनके करियर के लिए नई दिशाएं खुलेंगीं।

कार्यक्रम में यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डॉ डी.पी. उनियाल ने अपने संबोधन में भविष्य की जल जरूरत के लिए सामुदायिक सहभागिता को आवश्यक बताते हुए कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का आवाहन किया।

कार्यक्रम संयोजक यूकास्ट वैज्ञानिक डॉ भवतोष शर्मा ने कार्यक्रम की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया अतिथियों का स्वागत किया। डीएनए प्रयोगशाला के मैनेजिंग डायरेक्टर डा नरोत्तम शर्मा ने पर्यावरण में जल के महत्व के साथ कौशल विकास पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में यूकाॅस्ट के वैज्ञानिक डॉ भवतोष शर्मा ने “जल संरक्षण क्यों और कैसे एवं जल संरक्षण की विभिन्न भारतीय एवं पर्वतीय परंपरागत विधियां” पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम के द्वितीय तकनीकी सत्र में यूकोस्ट के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ मनमोहन सिंह रावत ने “जल संसाधनों के प्रबंधन में रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीकी का अनुप्रयोग एवं कौशल विकास” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम के तृतीय तकनीकी सत्र में प्रशिक्षणार्थीयों को “फील्ड एवं प्रयोगशाला में जल गुणवत्ता विश्लेषण एवं कौशल विकास” विषय पर व्याख्यान एवं हैंड्स आन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। हैंड्स ओंन प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को यूकाॅस्ट जल गुणवत्ता प्रयोगशाला में विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों का अनुप्रयोग कर पानी के विभिन्न नमूनों में कठोरता, क्लोराइड टर्बडिटी, टीडीएस ,आयरन, सल्फेट, इत्यादि का विश्लेषण करना सिखाया, यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, मल्टी पैरामीटर एनालाइजर इत्यादि के द्वारा हेवी मेटल एनालिसिस के विषय में बताया गया तथा बताया गया कि प्रयोगशाला में प्रशिक्षण उनके कौशल विकास करके करियर को किस प्रकार दिशा दे सकता है।

नीदरलैंड के पर्यावरण विशेषज्ञ मिस्टर जोप युवानेर वाल एवं उनकी टीम, तथा उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन से जुड़ी श्रीमती ममता पांगती ने संबोधित किया।

यूकास्ट के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ नवीन चंद्र जोशी ने कार्यक्रम का सारांश प्रस्तुत करते हुए सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया तथा कार्यक्रम को विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए बहुत अधिक उपयोगी बताया।

कार्यक्रम का संचालन डीएनए प्रयोगशाला की डायरेक्टर डॉ अंकिता सिंह द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के 70 स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोधार्थियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया । कार्यक्रम में यूकॉस्ट के एमेरिटस वैज्ञानिक डॉ पीयूष गोयल, डॉ. अभय सक्सैना, सुभारती विश्वविद्यालय के डीन डॉ अनिर्बन पात्रा, सारांश अग्रवाल, सूरज मासीवाल, यूकॉस्ट के श्री उमेश चंद्र जोशी, राजदीप जंग सहित 90 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

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