चंपावत गैंगरेप मामले में विपक्ष व महिला संगठनों ने किया प्रदर्शन

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दून, हल्द्वानी समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन

अविकल उत्तराखंड

हल्द्वानी/देहरादून। चंपावत गैंग रेप प्रकरण को लेकर दून, हल्द्वानी समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन की खबरें है।
दून में कांग्रेस व महिला मंच ने प्रदर्शन कर रेप प्रकरण की सच्चाई सामने लाने की बात कहकर पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए।
महिला मंच से जुड़ी कमला पंत ने गांधी पार्क में प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
दूसरी ओर,
महिलाओं की सुरक्षा, 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने, बढ़ती महंगाई और चंपावत की कथित नाबालिग प्रकरण को लेकर महिला कांग्रेस ने गुरुवार को हल्द्वानी में भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। बुद्ध पार्क में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला दहन कर नारेबाजी की।

कार्यक्रम का नेतृत्व महिला कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मधु सांगूड़ी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं ने भागीदारी करते हुए महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया।

मधु सांगूड़ी ने कहा कि देश और प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार देने में गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बावजूद अब तक महिलाओं को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने महिलाओं को अविलंब 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग की।

उन्होंने बढ़ती महंगाई और कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दामों में वृद्धि को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई से आम जनता, छोटे व्यापारी, होटल और रेस्टोरेंट संचालक प्रभावित हो रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। महिला कांग्रेस ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों के बढ़े हुए दाम तत्काल वापस लेने की मांग की।

चंपावत की घटना का उल्लेख करते हुए मधु सांगूड़ी ने कहा कि किसी नाबालिग बच्ची से जुड़े मामले में सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के नाम सामने आना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की।

महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की लगातार अनदेखी की गई तो संगठन प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा।

प्रदर्शन में पार्षद भागीरथी बिष्ट, मुन्नी जोशी, सविता गुरुरानी, कनक जीना, मुन्नी पंत, लता पांडे, गीता बहुगुणा, मीनाक्षी नयाल, शांति मेहता, पुष्पा कोरंगा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष किरण मेहरा, दिनेश सांगूड़ी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

चंपावत की घटना ने पूरे उत्तराखंड को शर्मसार किया -कांग्रेस

चंपावत में एक नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दर्दनाक एवं शर्मनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में भाजपा से जुड़े नेता का नाम सामने आने से प्रदेश की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

महानगर कांग्रेस कमेटी, देहरादून के अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब बेटियां घर से बाहर निकलने में भी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।

डॉ. गोगी ने कहा कि यदि सत्ता से जुड़े लोगों के नाम इस प्रकार के जघन्य अपराधों में सामने आते हैं, तो यह भाजपा सरकार की नैतिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देने वाली सरकार आज बेटियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह असफल साबित हुई है।

उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए तथा पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा एवं न्याय सुनिश्चित किया जाए। कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और दोषियों को राजनीतिक संरक्षण देना बंद करना चाहिए।

इस मौके पर मुख्य रूप से ब्लॉक अध्यक्ष कवाली राजेश पुंडीर,ब्लॉक अध्यक्ष कौलागढ़ जितेंद्र तनेजा, अर्जुन पासी, अनिल बसनेत जगदीश धीमन, अभिषेक तिवारी, अभिनव थापर,पिया थापा अरुण शर्मा, रामकुमार थपलियाल, अल्ताफ अहमद,अंजू भारती,ट्विंकल अरोड़ा, सौरभ शर्मा, पिया थापा ,आलोक मेहता, संजय शर्मा,नितीश राजोरिया, रामबाबू, सूरज छेत्री, सुनील जयसवाल,जसविंदर मोटी,सावित्री थापा,लकी राणा, अरुण बलूनी, शिवम् कुमार , वीरेंद्र पंवार, राहुल तलवार, सुनील कुमार , गुलशन सिंह आदि मौजूद थे ।

चंपावत सामूहिक दुराचार प्रकरण में शामिल व्यक्ति का भाजपा से जुड़ाव

बीती पांच मई को चंपावत जिले में घटित तथाकथित अपहरण व सामूहिक दुराचार मामले में पुलिस ने जो नया खुलासा साजिश का किया है उसके अनुसार इस पूरे प्रकरण में संलिप्त सभी पात्र भारतीय जनता पार्टी से संबंधित हैं व यह भाजपा के भीतर हर स्तर पर चल रही सत्ता की लड़ाई का ही हिस्सा है , यह बात आज एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि पुलिस की दोनों कहानियों के अनुसार चाहे पहले का पुलिस बयान जिसमें नाबालिग लड़की का अपहरण उसके हाथ पांव बांध कर चाकू की नोक पर दुराचार और फिर घटना की सूचना पर लड़की का रेस्क्यू ।

फिर एफआईआर और आरोपितों भाजपा मंडल उपाध्यक्ष का दो अन्यों के खिलाफ पुलिस का गिरफ्तारी का प्रयास या सात मई को पुलिस कप्तान सीएमओ की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में अपहरण बलात्कार से इनकार व घटना को भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत द्वारा मंडलीय उपाध्यक्ष पूरण सिंह रावत को फंसाने की साजिश करार देना पूरे प्रकरण को संदिग्ध बना रहा है।
धस्माना ने कहा कि अगर यह बात मान भी ली जाए कि कमल रावत ने पूर्ण सिंह रावत को फंसाने के लिए यह झूठा प्रपंच रचा तो भी इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को कांग्रेस का हाथ कैसे दिखाई दिया यह अचंभे की बात है क्योंकि इस पूरे कांड में आरोपी पूर्ण सिंह रावत भाजपा का मंडल उपाध्यक्ष व उसके साथ नामजद दोनों युवा भाजपाई, साजिश करता कमल रावत भाजपा मंडल उपाध्यक्ष तो इसमें कांग्रेस का हाथ कहां प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को दिखाई पड़ गया यह समझ से परे है और उनका इस प्रकरण पर कांग्रेस से माफी मांगने का बयान तो अपने आप में हास्यास्पद है।
धस्माना ने कहा कि वास्तव में राज्य की मातृ शक्ति से माफी तो भाजपा को मांगनी चाहिए कि अंकिता भंडारी हत्या कांड से लेकर सल्ट, चंपावत वन , चंपावत टू, काशीपुर , संत्रेषा में बच्चियों व महिलाओं के खिलाफ हिंसा बलात्कार व हत्या में शामिल सभी अपराधी भाजपाई हैं।

महिला कांग्रेस ने जताया विरोध

उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने चम्पावत से लौटने के बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए चम्पावत की नाबालिग बालिका से दुष्कर्म प्रकरण को लेकर राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन एवं भाजपा पर गंभीर प्रश्न खडे किए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जहां-जहां भी महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध सामने आते हैं, वहां भाजपा नेताओं के नाम जरूर जुड़ा रहता है जो कि बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। उन्होंने हरिद्वार प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि चाहे भाजपा की मण्डल अध्यक्ष अनामिका शर्मा प्रकरण हो, नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष रहे मुकेश बोरा का मामला हो, चम्पावत कमल रावत प्रकरण हो अथवा अंकिता भंडारी हत्याकांड हो, हर मामले में भाजपा से जुडे लोगों के नाम ही सामने आए हैं।
ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में भी भाजपा और सत्ता से जुडे लोगों के नाम सामने आए थे, लेकिन आज तक सीबीआई जांच की वास्तविक प्रगति जनता के सामने नहीं लाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल जांच के नाम पर टाईम पास कर रही है जबकि कई आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।

पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने चम्पावत प्रकरण को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि आखिर पीडित और उसके पिता 48 घंटे तक कहां थे? पीडिता को दो दिन में दो बार मजिस्ट्रेट के सामने क्यों पेश किया गया? यदि पीडित पक्ष द्वारा साजिस रची गई तो पुलिस ने क्या पीडिता के पिता के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज की है?
उन्होंने यह भी पूछा कि बरामदगी के समय पीडिता के हाथ बंधे होने की बात यदि सही है तो उसे किस समय खोला गया? जिस स्थान से पीडिता मिली, वहां वह किन लोगों के साथ थी? मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई या नहीं? सोशल मीडिया पर वायरल कथित पत्र की सच्चाई क्या है, जिसमें पीडिता के परिजनों द्वारा समझौते की बात कही जा रही है?

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि मामला पूरी तरह फर्जी था तो पुलिस इतनी जल्दबाजी में निष्कर्ष पर कैसे पहुंच गई? क्या सरकार उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने इस प्रकरण को लेकर समाज में तनाव और आक्रोश फैलाया? क्या पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाएगी ताकि जनता का विश्वास बना रहे? क्या पुलिस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन सार्वजनिक करेगी?

उन्होंने कहा कि इतनी संवेदनशील घटना में मात्र 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर “फर्जी” करार देना कई सवाल खडे करता है। यह मामला केवल एक एफआईआर तक सीमित नहीं है बल्कि जनता के भरोसे, पुलिस की पारदर्शिता और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुडा हुआ है। यदि मामला वास्तव में फर्जी था तो सरकार और पुलिस को हर प्रश्न का स्पष्ट एवं प्रमाणिक उत्तर जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल में ही एनसीआरबी के जो आंकडे जारी किये गये हैं उसमें उत्तराखण्ड राज्य मंे अपराध का प्रतिषत षीर्श पर है। जो राज्य की भाजपा सरकार की नाकामी का प्रतीक है।

इस अवसर पर महिला कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष चंद्रकला नेगी, प्रदेश महासचिव निधि नेगी, देहरादून जिला अध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव सुशीला शर्मा, अनुराधा तिवारी आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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