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युवा शक्ति रथ अब स्पीकर की विधानसभा कोटद्वार में भरेगा हुंकार
बॉबी पंवार ने स्पीकर के साथ कांग्रेस को भी लपेटा
खानपुर विधायक उमेश की सदस्यता समाप्त करने की मांग
अविकल उत्तराखंड
देहरादून। हालिया बेरोजगार आंदोलन की अपार सफलता के बाद युवा शक्ति पूरे जोश में है। युवा शक्ति का रथ कोटद्वार की ओर मोड़ने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
आंदोलित युवा शक्ति ने पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदेश सरकार से सीबीआई जांच समेत अन्य प्रमुख मांगे मनवाने के बाद आराम न करते हुए नयी जंग का ऐलान कर दिया। इस बार निशाने पर स्पीकर को लिया गया है।
बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बॉबी पंवार ने स्पीकर ऋतु खंडूड़ी को पत्र लिख कर खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के दल बदल उल्लंघन से जुड़ी लंबित याचिका पर जल्द निर्णय लेने को कहा है।
स्पीकर को सम्बोधित पत्र में बॉबी पंवार ने कहा की लोकतंत्र संविधान से चलता है। न कि व्यक्तिगत पसंद -नापसन्द से।
बॉबी ने कहा कि तीन साल से अधिक समय बीतने के बाद भी स्पीकर ने इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया। उन्होंने कहा कि दल बदल कानून के उल्लंघन पर सुप्रीम कोर्ट की तल्खी के बाद भी स्पीकर ने संविधान के तहत कोई ठोस फैसला नहीं लिया।
स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने उमेश कुमार की सदस्यता पर चुप्पी साधे कांग्रेस के नेताओं को भी आड़े हाथ लिया।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने 30 सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी को लिखे पत्र में खानपुर विधायक उमेश कुमार की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में विधानसभा अध्यक्षों पर दल बदल याचिकाओं को लंबित रखने को लेकर की गई तल्ख टिप्पणी के बावजूद, मई 2022 से दर्जनों याचिकाएं लंबित हैं और उन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
मोर्चा ने पत्र में लिखा कि पूर्व अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने पुरोला विधायक राजकुमार, धनोल्टी विधायक प्रीतम पवार और भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा की सदस्यता समाप्त कर संवैधानिक परंपराओं का सम्मान किया था। जबकि वर्तमान अध्यक्ष की ओर से खानपुर मामले में कोई फैसला न लेना गलत संदेश देता है।
पत्र में कहा गया कि यदि किसी व्यक्तिगत कारण से निर्णय नहीं लिया जा रहा है तो विधानसभा अध्यक्ष को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इस पर शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो यह संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत एक गलत उदाहरण बनेगा।
गौरतलब है कि मार्च 2022 में खानपुर से निर्दलीय विधायक का चुनाव जीतने के बाद उमेश कुमार ने एक नए दल में शामिल हो गए थे। इस कार्यक्रम की खूब खबरें छपी थी। मई 2022 में रविंद्र पनियाला समेत कई अन्य ने दल बदल कानून के उल्लंघन सम्बन्धी याचिका विधानसभा में पेश की थी।
लेकिन इतना लंबा समय बीतने के बाद स्पीकर ने नियमों के तहत कोई फैसला नहीं लिया। स्पीकर पर किसका दबाव है, राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी सरगर्म है।
दूसरी ओर, पूर्व सीएम हरीश रावत भी स्टिंग करने वाले उमेश कुमार पर अन्य मुद्दों पर तो आक्रमण करते हैं। लेकिन उनकी विधायक बेटी अनुपमा रावत ने कभी भी उमेश कुमार के दल बदल कानून के उल्लंघन पर कोई सवाल नहीं उठाया। अन्य बड़े कांग्रेस नेता भी मौन साधे हुए हैं।
कुछ दिन पूर्व, मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूडी ने भी विधानसभा सचिवालय को उमेश कुमार से जुड़े मसले पर पत्रावली के रख रखाव की सख्त हिदायत दी थी।
इधर, बॉबी पंवार ने इस मुद्दे पर लीड लेते हुए स्पीकर की विधानसभा कोटद्वार में युवा शक्ति रथ मोड़ने का ऐलान कर हड़कंप मचा दिया है। देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट की तल्खी व बॉबी पंवार की चेतावनी के बाद भी स्पीकर ऋतु खंडूड़ी लंबित फैसले को कितने दिन और टाले रखती है..

सेवा में,
श्रीमती ऋतू खंडूरी जी माननीय विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड
विषय : सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बावजूद खानपुर विधानसभा की दलबदल याचिका विषयक।
माननीय अध्यक्ष विधानसभा
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्षों द्वारा दल बदल याचिकाओं को जानबूझकर लटकाने को लेकर जो तल्ख टिप्पणी की गई उसके बाद उत्तराखंड के लोगों को यकीन था कि उत्तराखंड में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का सम्मान किया जाएगा।
मई 2022 आपके कार्यालय में खानपुर के विधायक उमेश कुमार के दल बदल करने और उनकी विधायकी समाप्त करने को लेकर जो दर्जनों याचिकाएं डाली गई इसके बावजूद आपने उपरोक्त विधायक की विधायकी समाप्त नहीं की। आपसे पहले विधानसभा अध्यक्ष रहे प्रेमचंद अग्रवाल के सम्मुख जब पुरोला के विधायक राजकुमार धनोल्टी के विधायक प्रीतम पवार और भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा की इसी प्रकार दल बदल की याचिकायें आई तो प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष की पद की गरिमा रखते हुए तीनों विधायकी समाप्त कर कानून का पालन किया जिस कुर्सी पर आप बैठी है वह नियम कायदे कानून और परंपराओं के लिए जानी जाती है। इतने लंबे समय से आप द्वारा दल बदल की उस याचिका पर निर्णय न लेने से बहुत स्पष्ट संदेश जा रहा है कि आप उस कुर्सी से न्याय नहीं कर रही है जिस पर आप आसीन हैं।
अगर आपकी कोई व्यक्तिगत मजबूरी है तो उसे आपको कोटद्वार की जनता से लेकर यमकेश्वर के लोगों तक जरूर बताना चाहिए।। हमारा स्पष्ट मानना है यह देश संविधान से चलता है और सदन में नियम कायदे कानून और परंपराएं ही सदन को आगे बढ़ाते ती हैं हम यह भी जानते हैं कि जिन लोगों ने राम सिंह कैड़ा राजकुमार और प्रीतम पंवार की विधायकी समाप्त करने के लिए छाती पीठ कर शोर मचाया था वह आज मित्र विपक्ष के रूप में मलाई खा रहे हैं।
यह प्रदेश की जनता अपनी खुली नजर से देख रही है। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने आपको इस बारे में पहले भी कई बार विभिन्न तरीके से अनुरोध किया कि आप दल बदल की इस स्पष्ट श्रेणी की याचिका पर निर्णय देकर खानपुर के विधायक उमेश कुमार की विधायकी को समाप्त करने का आदेश दें। ऐसा ना हो कि आपने बाद बनने वाले विधानसभा अध्यक्ष आपके द्वारा इन गलत निर्णय को आत्मसात करने को मजबूर हों ऐसा होना संविधान के खिलाफ होगा और नियम कायदे कानून और परंपराओं के विपरीत होगा
कृपया शीघ्र कार्यवाही कर दल बदल की इस गलत परंपरा को समाप्त करने की कृपा करें।

विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतू खंडूरी जी उत्तराखंड का युवा सीबीआई जांच करवाने का दम रखता है ।
एक प्रदेश में दो प्रकार के कानून नहीं हो सकते हैं इसी प्रकार दलबदल के लिए भारत के संविधान में जो व्यवस्था दी है उसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता। मई 2022 से दल बदल की जो याचिकाएं दबाई गई है सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद यदि बात समझ में ना आ रही हो तो युवा शक्ति का रथ बहुत जल्द कोटद्वार की ओर ही कूच करेगा।
उत्तराखंड में किसी को भी संविधान का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा।
उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा जिंदाबाद
Amit Shah Narendra Modi PMO India
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