उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव का बेटा ठगी में गिरफ्तार

उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव का बेटा ठगी में गिरफ्तार
Share This News:

The post उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव का बेटा ठगी में गिरफ्तार appeared first on Avikal Uttarakhand.

फर्जी आईपीएस बनकर करता था लाखों की ठगी

देहरादून पुलिस ने किया गिरफ्तार

आईपीएस बनने का सपना टूटा तो बना फर्जी अधिकारी

घर से मिलीं वर्दियां, आईडी कार्ड और वायरलेस सेट

अविकल उत्तराखंड

देहरादून। थाना राजपुर पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, रॉ एजेंट, सीआरपीएफ अधिकारी समेत विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी का पुत्र है।

आरोपी लोगों को नौकरी दिलाने, कंपनी का पंजीकरण कराने और सरकारी काम कराने का झांसा देकर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था।
गिरफ्तार आरोपी आर. यशोवर्धन (35) पुत्र एस. रामास्वामी निवासी ऑफिसर्स रेजिडेंशियल कॉलोनी, आईएचएम कैंपस, गढ़ी कैंट, देहरादून है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी का पुत्र है। उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था। उसने कई वर्षों तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उसने फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।

पहले मामले में डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने 8 जुलाई को थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर होटल जिंजर में बुलाया और उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का शीघ्र पंजीकरण कराने के नाम पर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
दूसरे मामले में 15 जुलाई को कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुषा ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 4.60 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने उन्हें अपने फर्जी विजिटिंग कार्ड और आईडी भी दिखाए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे के पास चेकिंग के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बचपन से वह वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाले प्रभाव और सुविधाओं से प्रभावित था। यूपीएससी परीक्षा में असफल रहने के बाद उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों को नौकरी दिलाने, टेंडर पास कराने और सरकारी कार्यों में मदद का झांसा देकर ठगी शुरू कर दी। उसकी वर्दी, बोलचाल और फर्जी पहचान पत्र देखकर लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पांच फर्जी आईडी कार्ड, आठ फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना के 25 लोगो, सेना एवं पैरामिलिट्री बलों की तीन जोड़ी वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट तथा एक लैपटॉप बरामद किया है।
आरोपी की गिरफ्तारी में क्षेत्राधिकारी डालनवाला नितिन लोहानी, थानाध्यक्ष राजपुर पी.डी. भट्ट तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

The post उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्य सचिव का बेटा ठगी में गिरफ्तार appeared first on Avikal Uttarakhand.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *