उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: मां ने बेटों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तीनों की चली गई जान !

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: मां ने बेटों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तीनों की चली गई जान !
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हल्द्वानी शहर के गौलापार की कुंवरपुर न्याय पंचायत के मानपुर गांव में मंगलवार शाम पानी के निर्माणाधीन टैंक में दम घुटने से मां और दो बेटे अचेत हो गए। आनन-फानन उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

हल्द्वानी के गौलापार के मानपुर गांव में हुई हृदय विदारक घटना ने दो भाइयों का परिवार उजाड़ दिया। करीब 12 साल सड़क हादसे में पिता को खोने वाले दोनों भाई इस सदमे को भूलकर हंसी-खुशी परिवार के साथ रह रहे थे। अचानक किसकी नजर लगी कि पलभर में एक अनहोनी ने सबकुछ खत्म कर दिया। मानपुर निवासी भीम सिंह के परिवार में पत्नी, दो पुत्री और दो पुत्र थे। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले परिवार के पास नाममात्र की कच्ची जमीन है, उसी पर खेतीबाड़ी कर वे परिवार पाल रहे थे। सड़क हादसे में जान गंवाने के बाद परिवार की जिम्मेदारी मां सरस्वती पर आ गई। मां ने मेहनत के बल पर परिवार आगे बढ़ाया। इस बीच बड़ा पुत्र धर्मेेंद्र उर्फ धरम सिंह प्लंबर का काम करने के साथ ही घर पर खेतीबाड़ी में हाथ बंटाता था, उनके परिवार में पत्नी और एक पुत्र और एक पुत्री है जबकि छोटा पुत्र खुशाल सितारगंज सिडकुल की एक कंपनी में इलेक्टि्शियन के पद पर कार्यरत है। उनके परिवार में पत्नी और एक पुत्र है। परिवार में कमाने वाले बेटों की मौत से अब परिवार के समक्ष रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।

गर्भवती पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल
खुशाल सिंह का विवाह करीब तीन साल पहले हुआ था। उसका एक पुत्र है और पत्नी फिर से गभर्वती है। इस घटना के बाद से उसका भी बुरा हाल है।

टैंक से निकलने की जगह पड़ी कम
ग्रामीणों के अनुसार जिस टैंक में दम घुटने से तीनों लोगों की मौत हुई है, वहां करीब आधा फिट पानी भरा हुआ था और कीचड़ भी था। टैंक का साइज 10 बाई 10 फिट और गहराई भी लगभग इतनी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टैंक में मात्र एक ही चैंबर होने के कारण भीतर घुसे लोगों का आसानी से बाहर निकलना संभव नहीं था। बताया कि टैंक के पास ही गोबरगैस का प्लांट भी है, ऐसे में उससे रिसाव होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई।

निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
मानपुर गांव की प्रधान उमा रैक्वाल और सामाजिक कार्यकर्ता नीरज रैक्वाल ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। रैक्वाल ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने पर भी जोर दिया है।

देर रात तक अस्पताल में जुटे रहे प्रधान
इस हृदयविदारक घटना का पता चलते ही गौलापार के खेड़ा से लेकर कुंवरपुर तक के पंचायत प्रतिनिधि सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंच गए। देर रात शवों को मोर्चरी भेजने तक ग्रामीण अस्पताल में जमे रहे। इस बीच सीओ और चोरगलिया थानाध्यक्ष दलबल के साथ अस्पताल में तैनात रहे।

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